इलेक्ट्रॉनिक, मोबाइल कंपनियों को सरकार की हिदायत

Ravishankar Prasad
नई दिल्ली
सरकार ने सोमवार को इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल उद्योग के प्रमुखों से भारत में निवेश बढ़ाने के साथ विनिर्माण में तेजी लाने का आह्वान किया। उसने साथ ही जोर देकर कहा कि  वैश्विक स्तर पर उठा-पटक के बावजूद देश की अर्थव्यवस्था के बुनियादी कारक मजबूत हैं। एप्पल, डेल, ओप्पो और सैमसंग जैसी प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल कंपनियों के मुख्य कार्यपालक अधिकारियों (सीईओ) और प्रमुखों को संबोधित करते हुए सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने भारत को विनिर्माण के लिहाज से वैश्विक केंद्र बनाने की   पुरजोर वकालत की और देश के प्रति अधिक प्रतिबद्धता जताने का आग्रह किया। उन्होंने कंपनियों से न केवल मोबाइल और वाहन  इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में बल्कि रणनीतिक, रक्षा और  चिकित्सा इलेक्ट्रानिक्स और रोबोटिक्स के क्षेत्र में भी निवेश बढ़ाने को कहा। प्रसाद ने कहा, वैश्विक स्तर पर उठा-पटक के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत है, चाहे  प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) हो या विदेशी मुद्रा भंडार... सभी चीजें हमारी अर्थव्यवस्था की मजबूती को अभिव्यक्त करती हैं। मंत्री ने सरकार के वृद्धि और निवेश को बढ़ावा देने  वाली नीतियों का जिक्र किया। उन्होंने भारतीय बाजार में मजबूती, प्रतिभावान कार्यबल और डिजिटल प्रारूप का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और  निर्यात को लेकर आकांक्षा अतिशयोक्तिपूर्ण नहीं है। भारत ने 2025 में 400 अरब डॉलर (करीब 28.43 लाख करोड़ रुपए) के इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण परिवेश का लक्ष्य रखा है और   विनिर्माण गतिविधियों को गति देने के लिए नई नीति को अधिसूचित किया है। प्रसाद ने कहा कि 5जी वृद्धि का नया केंद्र है। उन्होंने कहा कि सरकार देश को 5जी ज्ञान आधारित  अर्थव्यवस्था, पेटेंट सृजन और शोध तथा विकास गतिविधियों के मामले में एक बड़े केंद्र के रूप में उभरते हुए देखने को लेकर गंभीर है। मंत्री ने कहा कि भारत को रणनीतिक   इलेक्ट्रॉनिक्स के रूप में एक प्रमुख देश के रूप में उभरना है। भारत सौर, वाहन और उपभोकता इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए एक बड़ा बाजार है। मैं आपसे सुनना चाहूंगा कि इसे किस प्रकार आगे बढ़ाया जा सकता है। भारत में चिकित्सा इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए भी काफी संभावना है।
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