'भारत में नहीं कम होगी तेल की आपूर्ति'

नई दिल्ली
सऊदी अरब ने अपने तेल संयंत्रों पर हुए अब तक के सबसे बड़े हमलों के बावजूद कहा है कि वह भारत की ऊर्जा सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही, वह  बाजार की स्थिरता बनाए रखने के लिए अन्य तेल उत्पादकों के साथ रचनात्मक रूप से काम करेगा। सऊदी अरब के राजदूत डा. सऊद बिन मोहम्मद अल साती ने कहा कि उनका  देश जमीनी स्थिति देखने और हमलों की जांच में शामिल होने के लिए संयुक्त राष्ट्र और अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों को आमंत्रित करेगा। यह पूछे जाने पर कि ईरान से तेल आयात पर  प्रतिबंध के चलते उसकी भरपाई के लिए क्या सऊदी अरब भारत को तेल की आपूर्ति बढ़ाएगा, राजदूत ने कहा, उनका देश भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और अन्य स्रोतों  से बाधाओं के चलते पैदा होने वाली किसी भी कमी को वह पूरा करेगा।
सऊदी तेल संयंत्रों पर हुए अब तक के सबसे बड़े हमले पर उन्होंने कहा कि सऊदी अरब में स्वयं की रक्षा करने तथा इन आक्रमणों का पूरी ताकत से जवाब देने की क्षमता है।  उन्होंने कहा कि उनका देश हमले के बाद रियाद का समर्थन करने और उसके साथ एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए भारत की प्रशंसा करता है। उन्होंने कहा कि ये हमले एक तरह   से पूरे अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के खिलाफ थे। सऊदी अरब की राष्ट्रीय पेट्रोलियम कंपनी सऊदी अरामको के तेल संयंत्रों पर गत 14 सितंबर को किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों के  चलते उसका दैनिक तेल उत्पादन तकरीबन आधा ठप्प हो गया। इससे वैश्विक तेल बाजार पर गंभीर प्रभाव पड़ा और सऊदी अरब और ईरान के बीच तनाव उत्पन्न हो गया। राजदूत  ने कहा, जांच चल रही है। सऊदी अरब संयुक्त राष्ट्र और अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों को जमीनी स्थिति देखने और जांच में शामिल होने के लिए आमंत्रित करेगा।
उन्होंने कहा, सऊदी अरब अपनी सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए उपुयक्त कदम उठाएगा। सऊदी अरब का यह दृढ़ता के साथ कहना है कि उसमें अपनी सरजमीं, अपने   लोगों की रक्षा करने और इन हमलों का जोरदार तरीके से जवाब देने की क्षमता और संकल्प है।

Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget