गगनयान मिशन : भारतीय पायलटोंका चयन

Gaganyan
बैंग्लोर
भारतीय वायुसेना ने शुक्रवार को घोषणा की कि अंतरिक्ष में देश के पहले मानव मिशन गगनयान के लिए पायलटों के चयन का पहला चरण पूरा हो गया है। वायुसेना ने ट्वीट किया,  इंस्टीट्यूट ऑफ एयरोस्पेस मेडिसिन में भारतीय अंतरिक्ष यात्री के चयन का पहला चरण पूरा हो गया है। चुने हुए टेस्ट पायलटों का फिजिकल एक्सरसाइज टेस्ट, लैब इंवेस्टीगेशन्स,  रेडियोलॉजिकल टेस्ट्स, क्लीनिकल टेस्ट्स और साइकॉलजी के स्तर पर मूल्यांकन किया गया। इससे पहले दस पायलटों का मेडिकल टेस्ट किया गया। इन 30 पायलटों के बैच में से तीन-तीन पायलटों का एक सेट तैयार किया जाएगा और अंत में मेडिकल जांच और अन्य कसौटियों पर खड़े उतरने वाले तीन पायलटों का चयन मिशन के लिए किया जाएगा।

अंतरिक्ष में सात दिन गुजारेंगे पायलट 
इसी साल मई में, वायुसेना ने इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन के साथ गगनयान मिशन के लिए क्रू सिलेक्शन और ट्रेनिंग उपलब्ध कराने का समझौता किया था। इसके तहत, 2021 में गगनयान से तीन सदस्यीय वैज्ञानिकों का एक दल भेजा जाना है, जो कम से कम सात दिन अंतरिक्ष में गुजारेगा। इस यान को जीएसएलवी मैक-3 से अंतरिक्ष में भेजा  जाएगा।

प्रशिक्षण के लिए रूस भेजे जाएंगे अंतरिक्ष यात्री
अंतिम तीन अंतरिक्ष यात्रियों का चयन वायुसेना और इसरो दोनों साथ मिलकर कर रहे हैं। इन चयनित टेस्ट पायलटों को प्रशिक्षण के लिए रूस भेजा जाएगा। इसके लिए इसरो ने   रूस के अंतरिक्ष एजेंसी ग्लावकॉस्मोस के साथ इसी साल 2 जुलाई को एक समझौता किया था।

गगनयान पर 10 हजार करोड़ का खर्च आएगा
गगनयान मिशन की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल लालकिले से स्वतंत्रता दिवस पर की थी। मिशन पर करीब 10 हजार करोड़ रुपए का खर्च आएगा। इसे संभवत:   दिसंबर 2021 में लांच किया जाएगा। इसके लिए पिछले साल ही यूनियन कैबिनेट ने इसकी मंजूरी दे दी थी।

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