शहाबुद्दीन पर गरमाई बिहार की सियासत

पटना  क्या राष्ट्रीय जनता  दल को उम्रकैद की सजापाए कुख्यात मो. शहाबुद्दीन का सहारा है? ऐसा हम नहीं कह रहे, यह पार्टी के बैनर-पोस्टर पर छिड़ी सियासी जंग का सारांश है। सुप्रीमो लालू  प्रसाद यादव की गैर मौजूदगी में पार्टी का कामकाज देख रहे तेजस्वी यादव की अध्यक्षता में हुई आरजेडी अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की बैठक में लगाए गए बैनर-पोस्टर में शहाबुद्दीन की तस्वीर  मुखता से दी गई थी। इसे लेकर बिहार की सियासत गरमा गई है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक  गठबंधन हमलावर है तो आरजेडी बैकफुट पर। तेजस्वी यादव ने जवाब में कहा है कि भारतीय जनता पार्टी  हाबुद्दीन को छोड़े, चिन्मयानंद को देखे। विदित हो कि बीते दिन  तेजस्वी यादव के आवास  पर आरजेडी अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की बैठक में जो पोस्टर लगा था, उसपर पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद  दव व तेजस्वी यादव के साथ मो. शहाबुद्दीन की भी तस्वीर थी। सीवान के पूर्व सांसद मो. शहाबुद्दीन हत्या के कई मामलों में दिल्ली के तिहाड़ जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। उनपर अनेक  संगीन मामले अभी भी लंबित हैं। पोस्टर पर इस तस्वीर से स्पष्ट है कि आरजेडी की राजनीतिक रणनीति में शहाबुद्दीन अहम फैक्टर हैं और पार्टी आगामी विधानसभाचुनाव में उनके चेहरे का भ  लेना चाहती है।
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