US की पाक को लताड

Trump Imran Khan
न्यूयॉर्क
कश्मीर पर झूठी कहानी सुना रहे पाकिस्तान को अमेरिका ने जमकर लताड़ा। पाकिस्तान के दोहरे मापदंड को उजागर करते हुए अमेरिका ने कहा है कि वह जितनी चिंता कश्मीर पर  जता रहा है कि उतनी चीन में नजरबंद मुसलमानों को लेकर भी दिखाए, चीन के मुसलमानों की हालात पर पाकिस्तान ने चुप्पी ख्यों साध रखी है? अमेरिका की ऐक्टिंग असिस्टेंट  सेक्रटरी (साउथ एंड सेंट्रल एशिया) ऐलिस वेल्स ने यह सवाल खड़े किए कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान चीन के बारे में ख्यों नहीं बोल रहे, जहां पर 10 लाख उइगर और  अन्य तुर्की भाषा बोलने वाले मुसलमानों को नजरबंद रखा गया है। कश्मीर पर पाकिस्तान के पीएम की कथित चिंता को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए ऐलिस वेल्स ने  कहा कि मैं पश्चिमी चीन में नजरबंद किए गए मुसलमानों को लेकर भी उसी स्तर की चिंता देखना चाहूंगी, जो नाजी शिविरों की तरह के हालात में रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि  पाकिस्तान को चीन के मुसलमानों की ज्यादा चिंता करनी चाहिए, क्योंकि वहां मानवाधिकारों का उल्लंघन ज्यादा है। वेल्स ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ट्रंप प्रशासन ने  पूरे चीन में मुसलमानों के साथ हो रही ज्यादती और भयानक हालात के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है।
वेल्स की प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है, जब पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर राज्य को विशेष दर्जा प्रदान करने वाले अनुच्छेद 370 को खत्म करने के भारत के फैसले पर दुष्प्रचार कर  रहा है। वह मुस्लिम दांव भी चल रहा है। हाल में पाक पीएम इमरान खान ने न्न्यूयॉर्क में प्रेस कांफ्रेंस में कहा था कि दुनिया चुप है, क्योंकि मामला मुसलमानों का है। हालांकि चीन  में मुसलमानों पर ही हो रहे अत्याचार पर चुप्पी से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का कश्मीर पर प्रॉपेगैंडा साफ हो जाता है। जब भी चीन में मुसलमानों के हालात पर इमरान खान से  सवाल होते हैं, तो वह यह कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं कि उनके अपने देश में काफी समस्याएं हैं, जिन पर उन्हें ध्यान देना है।
बीते सोमवार को ही एक थिंक टैंक के कार्यक्रम में उइगरों को लेकर पूछे गए सवाल पर इमरान ने टिप्पणी करने से ही इंकार कर दिया था। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के चीन के साथ खास संबंध हैं और हम केवल निजी तौर यह मुद्दा उठाएंगे। उधर, पाक का सदाबहार दोस्त चीन अपने देश में रहने वाले अल्पसंक्यकों पर ऐक्शन की आलोचना करने वाले देशों  की निंदा करता रहता है। संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि चीन में करीब 10 लाख उइगर और दूसरे मुसलमानों को नजरबंद किया गया है। हैरत की बात तो यह है कि चीन अपने  हिरासत शिविरों को प्रशिक्षण शिविर बताता है।
अमेरिका ने पाकिस्तान को आतंकवादियों को आश्रय देने को लेकर फिर लताड़ा है। यूएस ने कहा कि हाफिज सईद और मसूद अजहर जैसे आतंकवादियों पर पाकिस्तान मुकदमा  चलाए। साथ ही कहा कि भारत-पाक तनाव में कमी, सीमा पार घुसपैठ में शामिल रहने वालों के खिलाफ कार्रवाई में इस्लामाबाद की गंभीरता पर निर्भर करता है। दक्षिण और मध्य  एशिया के लिए अमेरिकी कार्यवाहक सहायक मंत्री एलिस वेल्स ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74वें सत्र के दौरान विशेष बातचीत में कहा कि आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान की  सब्ती से ही भारत के साथ उसके रिश्ते ठीक हो सकते हैं।

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