बेस्ट को तीन महीने में 704 करोड़ का घाटा

मुंबई
बेस्ट प्रशासन ने यात्रियों की संख्या बढ़ाने और अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए किराए में कटौती की है। इस कटौती से बेस्ट को इसका फायदा भी हुआ, लेकिन जिस तरह से  होना चाहिए था, वो नहीं हुआ है। जानकारी के मुताबिक बेस्ट को पिछले तीन महीने में 703.96 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा है, जिसके तहत अब बेस्ट ने यात्रियों को बस सेवा  उपलब्ध कराने और अपनी कमाई बढ़ाने के लिए बसों की संख्या सात हजार करने का निर्णय लिया है। उल्लेखनीय है कि बेस्ट उपक्रम को घाटे से बाहर निकालने के लिए मनपा ने  बड़ा कदम उठाते हुए बड़े पैमाने पर सहायता राशि देने का निर्णय लिया है, जिसके अनुसार पहले ही किस्त में 1136 करोड़ रुपए दिया। मनपा के इस निर्णय से बेस्ट को विभिन्न  बैंकों से लिया कर्ज का 75 करोड़ 60 लाख रुपए बचने लगा है। मनपा ने बेस्ट को पहली किस्त में 1136 करोड़ और दूसरी किस्त में 600 करोड़ रुपया दिया। मनपा से मिले कुल 1736 करोड़ में से बेस्ट ने 70 प्रतिशत पैसा बैंकों से लिए कर्ज के रूप में लौटा दिया, जबकि बकाया पैसे कर्मचारियों के बकाए चुकाने में खर्च हुए। जानकारी के मुताबिक बेस्ट का  किराया कम करने से बेस्ट को फायदा जरूर हुआ है, लेकिन उतना नहीं हो पाया है, जिस तरीके से उसे उम्मीद थी। अब भी उसे कर्ज से उबरने के लिए कड़ी मशक्कत करनी होगी।  जानकारी के मुताबिक बेस्ट को जून में 206.77 करोड़, जुलाई में 149.02 करोड़ और अगस्त में 348.17 करोड़ रुपए यानि कुल मिलाकर 703.96 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है।  मनपा ने बेस्ट को जून में 200 करोड़, जुलाई में 100 करोड़ और अगस्त में 300 करोड़ रुपए कुल मिलाकर 600 करोड़ रुपए की मदद की है। इसके कारण बेस्ट का घाटा 703. 96  करोड़ रुपए से 103.96 रुपए है। बेस्ट को सेवानिवृत्त कर्मचारियों के वेतन और ग्रैजुएटी के लिए मनपा ने 93.74 करोड़ दिया है। बेस्ट प्रशासन ने दावा किया है कि बेस्ट अपना घाटा  कम करने के लिए 7 हजार किराए के बसों को लेने वाला है, फिलहाल बेस्ट के बेड़े में 3300 बसें है। मार्च तक 1500 अतिरिक्त बसें निजी संस्थाओं के साथ मिलकर बस की संख्या  बढ़ाने के निर्णय के तहत मार्च 2020 तक 1500 नई बसें लाने की जानकारी बेस्ट के वरिष्ठ अधिकरियों ने दी है। इनमें 500 मिडी बसें और एक हजार एसी बसें होगी। 500 मिडी  बसें सीएनजी से चलेगी, जबकि एक हजार बसें इलेक्ट्रिक से दौड़ेगी। गौरतलब है कि मनपा ने पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए बड़ी संख्या में इले िट्रक बसों का उपयोग करने का  निर्णय लिया है। मार्च तक बेस्ट बेड़े में 1500 बसों के शामिल होने के बाद बसों की संख्या 4 हजार 800 पहुंच जाएगी।
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