भारत ने आतंकियों की घुसपैठ रोकने को उतारे सैनिक

Indian Army
जम्मू
घुसपैठ करने की कोशिश में लगे आतंकियों को ढूंढ़ने के लिए एक बड़े मिलिट्री ऑपरेशन को पिछले दस दिनों से कश्मीर के गांगबल के जंगलों में अंजाम दिया जा रहा है। यह मध्य  कश्मीर में पड़ता है। यहां पर दो आतंकियों के मारे जाने के बाद पुलिस को शक था कि या तो यहां पर भारी संख्या में आतंकी मौजूद हैं या घुसपैठ की कोशिश कर रहे हैं।
इस पहाड़ी इलाके में भारतीय पैरा-ट्रूपर्स को हेलकॉप्टर के जरिए उतारा गया है, क्योंकि इस इलाके तक कोई भी रोड नहीं जाती है। ऐसा इसलिए भी किया गया, क्योंकि पास ही में  मौजूद एक आर्मी यूनिट ने यहां पर एक आतंकी समूह के देखे जाने की बात कही थी। गुरेज इलाके से घुसे हैं आतंकी एक बड़े आतंकी समूह के यहां पर होने के खतरे को देखते हुए  भारत के पैरा ट्रूपर्स इस इलाके में हर तरफ फैल गए हैं। सेना को डर है कि ये आतंकी बांदीपोरा जिले के दूरदराज के इलाके गुरेज से जम्मू-कश्मीर में प्रवेश कर गए हैं और वे अब  दक्षिणी कश्मीर के त्राल जिले की ओर जाना चाहते हैं। दरअसल, भारत में घुसने के लिए यह आतंकियों का पुराना रास्ता रहा है।
गांदरबल के एसएसपी खलील पोसवाल ने बताया कि 27 सितंबर को रात 9 बजे उन्हें देखे जाने के बाद दो आतंकियों को मारा गया था। उन्होंने यह भी बताया कि यह इस इलाके में  2014 के बाद पहला एनकाउंटर था। उन्होंने कहा कि एक आतंकी को उसी रात मारा गया और दूसरे को तीसरे दिन मार गिराया गया।
केंद्र सरकार ने जबसे जम्मू-कश्मीर के विशेष राज्य के दर्जे को खत्म किया है। तबसे वहां पर लांच किया गया ये सबसे बड़ा ऑपरेशन है। बता दें केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर का  विशेष राज्य का दर्जा खत्म कर इसे केंद्रशासित प्रदेश बना दिया था।

घुसपैठियों ने नहीं मानी इमरान की नसीहत
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से बड़ी संख्या में लोग रविवार को नियंत्रण रेखा की तरफ बढ़ रहे हैं। प्रदर्शनकारी जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370  के ज्यादातर प्रावधानों को खत्म करने का विरोध कर रहे हैं। हालांकि, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने प्रदर्शनकारियों को आगाह किया है कि वह कश्मीरी लोगों की मानवीय  सहायता या समर्थन के लिए नियंत्रण रेखा की तरफ न जाएं। ऐसा करके आप भारत की ओर से पेश विमर्श के जाल में फंसेंगे।

मुजफ्फराबाद-श्रीनगर राजमार्ग की तरफ बढ़ रहे प्रदर्शनकारी
प्रदर्शन करने वालों में ज्यादातर युवा हैं। इस मार्च का आयोजन जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट ने किया है। प्रदर्शनकारी पीओके की राजधानी मुजफ्फराबाद से शनिवार को गढ़ी दुपट्टा  पहुंच गए और वह रात में वहीं रुके थे। इसके बाद वह मुजफ्फराबाद-श्रीनगर राजमार्ग में आगे बढ़ रहे हैं। जेकेएलएफ के एक स्थानीय नेता ने मीडिया को बताया कि भारत और  पाकिस्तान के संयुक्त राष्ट्र सैन्य पर्यवेक्षक समूह ने उनसे संपर्क किया है। उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र से उन्होंने अपील की है कि वह भारत और पाकिस्तान को प्रदर्शनकारियों  के खिलाफ बल प्रयोग नहीं करने के लिए मनाएं।
सूत्रों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने नियंत्रण रेखा पार करने की घोषणा की है। ऐसी संभावना है कि चकोठी पहुंचने के बाद प्रशासन उन्हें रोकेगा। इसी बीच पाकिस्तान के विदेश मंत्री  शाह महमूद कुरैशी ने अमेरिका के सीनेटर क्रिस वान होलेन से अपील की है कि वह जमीनी हकीकत देखने के लिए सीमा के दोनों तरफ का जायजा लें। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद  370 के ज्यादातर प्रावधानों को खत्म किए जाने के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। पाकिस्तान ने भारत के साथ राजनयिक संबंध खत्म कर लिए हैं और  भारतीय उच्चायुक्त को बर्खास्त कर दिया है।

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