गौतम नवलखा की गिरफ्तारी पर रोक

मुंबई
भीमा कोरेगांव मामले में आरोपी मानवाधिकार कार्यकर्ता गौतम नवलखा को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। कोर्ट ने 15 अक्टूबर तक नवलखा की गिरफ्तारी पर रोक लगाई है।  एफआईआर रद्द करने की नवलखा की मांग पर राज्य सरकार को नोटिस जारी किया। सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई पर राज्य सरकार से नवलखा के खिलाफ रिकॉर्ड को पेश करने  को कहा। इससे पहले सीजेआई रंजन गोगोई, जस्टिस बीआर गवई के बाद जस्टिस रविंद्र भट्ट ने भी गौतम नवलखा की याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था। नवलखा  ने बांबे हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें हाईकोर्ट ने एफआईआर रद्द करने से इंकार कर दिया था। गौरतलब है कि महाराष्ट्र सरकार ने गौतम नवलखा मामले में 17  सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में कैविएट अर्जी दाखिल की। अपनी अर्जी में महाराष्ट्र सरकार ने कहा है कि उनका पक्ष सुने बिना कोर्ट कोई एकतरफा आदेश न दें। उससे पहले 13 सितंबर  को बांबे हाईकोर्ट ने गौतम नवलखा के खिलाफ दर्ज मामले को खारिज करने से इंकार कर दिया था। पीठ ने नवलखा की ओर से दायर याचिका खारिज कर दी, जिन्होंने जनवरी  2018 में पुणे पुलिस द्वारा उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को खारिज करने की मांग की थी। बता दें कि भीमा-कोरेगांव हिंसा और माओवादियों के साथ कथित जुड़ाव के लिए नागरिक  अधिकार कार्यकर्ता गौतम नवलखा के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
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