बागियों को शांत करने की कवायद तेज

मुख्यमंत्री और प्रदेशाध्यक्ष ने बागियों से नामांकन वापस लेने का किया आह्वान!

मुंबई
राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा और शिवसेना की महायुति होने के बाद पार्टी से नाराज होकर निर्दलीय पर्चा दाखिल करने वाले नेताओं को नामांकन वापस लेने का  आवाहन मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने किया है। राज्य की 288 विधानसभा सीटों में से 164 सीटों पर अपना एबी फार्म देकर अधिकृत उम्मीदवार उतारने वाली भाजपा ने इसमें दूसरे  पार्टी से भाजपा में शामिल होने वाले अनेक नेताओं को भी उम्मीदवार बनाया है। साथ ही बची 124 सीटें महायुति के सहयोगी दल शिवसेना को दी हैं। इससे नाराज होकर कई स्थानीय नेताओं ने निर्दलीय के रूप में पर्चा भरा है, जिसे गंभीरता से लेते हुए और बागी नेताओं को मनाने और उम्मीदवारी वापस लेने के लिए मुख्यमंत्री फड़नवीस और भाजपा  प्रदेशाध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने अपना चुनावी दौरा रद्द कर बागी नेताओं से संपर्क साधकर सोमवार, 7 अक्टूबर को उम्मीदवारों को नामांकन वापस लेने के आखिरी दिन अपना निर्दलीय  नामांकन वापस लेने की बात कही है, सूत्रों से ऐसी जानकारी मिली है। अबकी बार 220 के पार का नारा देने वाली भाजपा से उम्मीदवारी न मिलने से बागी हुए नेताओं को मनाने के  लिए पार्टी ने प्रयत्न शुरू कर दिया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भाजपा के ऐसे 114 नेता हैं जो टिकट न मिलने नाराज होकर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में पर्चा दाखिल  किए हैं। बता दें कि लोकसभा चुनाव की तर्ज पर भाजपा और शिवसेना ने विधानसभा चुनाव भी मिलकर लड़ने की घोषणा की है। दोनों पार्टियों के बीच हुई महायुति के बाद बहुत   सारे ऐसे नेता हैं जो विधानसभा चुनाव लड़ने के इच्छुक थे, लेकिन युति के कारण उन्हें मौका नहीं मिल पाया, जिसके कारण नाराज होकर उन्होंने निर्दलीय के रूप में उम्मीदवारी भर  दी है। गौरतलब है कि भाजपा ही अकेली पार्टी नहीं है, जिसमें बागी नेताओं ने निर्दलीय पर्चा है। राकांपा, कांग्रेस और शिवसेना के नेता भी बड़ी संख्या में बागी बनकर निर्दलीय उम्मीदवारी दाखिल किए हैं। जिन्हे मनाने के लिए पार्टियां अपने स्तर पर बातचीत कर रही हैं। वहीं दो दिन पहले भाजपा और शिवसेना की आयोजित संयुक्त पत्रकार परिषद में  मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने भाजपा और शिवसेना के बागी नेताओं को स्पष्ट शब्दों में कह दिया था कि चुनाव के वक्त काम न करने वाले बागी नेताओं को दोनों पार्टियां कभी माफ  नहीं करेंगी।
143 डोंबिवली विधानसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी, शिवसेना महायुति द्वारा डोंबिवली के जिमखाना मैदान में कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया था। शिवसेना पक्ष  प्रमुख उद्धव ठाकरे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस इस बारे में उचित निर्णय लेंगे और बागियों को समझाकर नामांकन वापस लेने को कहेंगे, ऐसी प्रतिक्रिया पालकमंत्री एकनाथ शिंदे ने दी।
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