कोर्ट ने दिया मुकदमा लिखने का आदेश

सोनभद्र
 उत्तर प्रदेश की सियासत में सरगर्मी ला देने वाले उंभानरसंहार मामले में जिला अदालत ने आरोपी ग्राम प्रधान के पक्ष का भीमुकदमा लिखने का आदेश दिया है। सोनभद्र कोर्ट ने आरोपी प्रधान  पक्ष की तरफ से भी मुकदमा दर्ज करने का आदेश पुलिस को देते हुए इस मामले में हमलावर पक्ष कौन है, इसके निर्धारण के भी निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि उंभा कांड में हमलावरों पर भीड़  ने हमला किया था, उसमें दूसरे पक्ष से भी तमाम घायल हुए थे। प्रधान यज्ञ दत्त के पक्ष से भी 55 नामजद और 35 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की गुहार कोर्ट से सीआरपीसी 156  (3) के तहत लगाई गई थी।
 मामले में सुनवाई करने के बाद सिविल जज जूनियर डिवीजन/अपर मुख्य न्यायिक मैजिस्ट्रेट की कोर्ट ने घोरावल थानाध्यक्ष को एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। कोर्ट ने हमलावर पक्ष  के निर्धारण के लिए भीपुलिस को निर्देशदिए। मामले में आरोप प्रधान पक्ष के वकील ने कहा कि प्रशासन द्वारा आरोपी बनाए गए ग्राम प्रधान पक्ष ने बार-बार प्रशासन से उनकी भी एफआईआर  लिखने की गुहार लगाई गई, लेकिन दूसरे गोंड आदिवासी पक्ष पर कोई एफआईआर प्रशासन की तरफ से दर्ज नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। मंगलवार को कोर्ट  ने उनकी अर्जी को स्वीकार करते हुए आरोपी पक्ष द्वारा 55 नामजद, 30 से 35 अज्ञात लोगों पर, जो घटना के समय दूसरे पक्ष से लाठी-डंडों और पत्थर के साथ मौजूद थे, उन पर भी  एफआईआर दर्ज करने का आदेश घोरावल थानाध्यक्ष को दिया है, जिससे मामले की निष्पक्ष विवेचना की जा सके। 17 जुलाई को उंभा में हुए नरसंहार में 11 लोगों की हत्या हुई थी। इस घटना  के बाद विपक्षी दलों ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर जमकर हमला किया था। मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीड़ितों से मुलाकात कर कई वादे किए थे। इसमें से एक घोषणा कृषि  सहकारी समिति बनाकर अवैध तरीके से कŽजा की गई ग्राम समाज की जमीन को सरकारी खाते में दर्ज कराने और उसे पीड़ित परिवारों और क्षेत्र के भूमिहीनों में वितरण करने की भी थी।
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