बारिश ने मचाई तबाही

सुलतानपुर
चार दिन से लगातार हो रही बारिश ने तबाही मचा दी है। गोमती के तटवर्ती इलाकों में जहां बाढ़ का पानी लोगों के घरों में घुसकर उन्हें बेघर बना रहा है, वहीं दूसरे क्षेत्रों में तैयार फसलें नष्ट हो  रही हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को खाने-पीने का संकट खड़ा हो गया है। लोग भूखे रह रहे हैं। बीमारी से ग्रसित लोगों का इलाज कराने का संकट खड़ा हो गया है। अंधेरे में जीवन बिता रहे  ग्रामीणों को घुटने भर से ज्यादा पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। 25 बिजली के खंभे धराशायी हो गए हैं। कई किमी बिजली लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। गोमती का फैलाव तेजी से बढ़ रहा है।  जासरपुर गांव जहां टापू बना गया है, वहीं गया दत्त का पुरवा, माधवपुर, भवानीपुर, औदहा गांव में नदी का पानी प्रवेश कर गया है। सैकड़ों बीघा खेत पानीसे लबालब हो गए हैं। कुड़वार-मायंग  मार्ग को जोड़ने वाली एक किमी सड़क पानी में डूब गई है। जज्जौर-शंकरगढ़ मार्ग पर पानी भर जाने से लोगों को संपर्क जिला मुख्यालय से टूट गया है। प्रशासनिक अधिकारी केवल सर्वे तक ही सीमित हैं अभी तक कोई भी इमदाद नहीं मिली है। बाढ़ पीड़ितों को राहत पहुंचाने के लिए स्थापित की गई चौकी का कहीं अता-पता नहीं है, जिसे लेकर लोगों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। नाव  न चलने से लोगों को पानी में घुसकर आना-जाना पड़ रहा है, जिससे कभी भी कोई घटना हो सकती है। गंदगी के चलते बीमारियां फैल रही हैं। लोगों को अपने मवेशियों की चिंता सताने लगी है।  प्रशासन की तरफ से कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। कोतवाली देहात के गंगापुर कुछमुछ निवासी रईस का मकान शनिवार की रात भरभराकर गिर गया। गिरते मलबे की आवाज सुनकर घर से  लोग आनन-फानन में बाहर की तरफ भागे और बाल-बाल बचे। सराअचल निवासी पंचदेव पाठक, तथा सिद्धनाथ, हनुमानगंज के पृथ्वीपाल यादव, अभियाखुर्द मे शेषनाथ का मकान बरसात की भेंट  चढ़गया। मिसिरपुर के चांद अली का घर गिरने से उनका सारा सामान व तीन साइकिलें  चकनाचूर हो गईं।
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