'मेट्रो कारशेड के लिए अधिग्रहित भूखंड का बाजार भाव पर हो भुगतान'

ठाणे
भिवंडी-कल्याण मेट्रो परियोजना के लिए सरकारी भूखंड की बजाय निजी जमीनों का अधिग्रहण करने का निर्णय लिया गया है। यह जनहित से संबंधित परियोजना है। ऐसे में सरकार को हमारा जमीन देने में किसी तरह का विरोध नहीं है, लेकिन सरकार बाजार मुल्य की दर से हमारे जमीन का किमत अदा करे। यह मांग कोन-गोवे संघर्ष समिति ने शुक्रवार को ठाणे में आयोजित पत्रकार  परिषद के दौरान दी। समिति ने यह भी कहा कि बाजार भाव से मुआवजा न देने की स्थिति में सरकारी जमीन पर विचार किया जाए। ठाणे में आयोजित पत्रकार परिषद में कोन-गोवे संघर्ष  समिति के अध्यक्ष संजय राजाराम पाटिल, उपाध्यक्ष शशिकांत दिनकर पाटिल, सचिव पंढरीनाथ बबन भोईर और वकील नीता महाजन मौजूद थीं। समिति के लोगों ने कहा कि भिवंडी के गोवे गांव  में चार हजार लोग रहते हैं। यहां रहने वाले सभी किसान खेती पर आश्रित हैं। खेती से ही सभी की उपजीविका चलती है। उन्होंने कहा कि साल 1971 में सरकार ने यहां की जमीन को औद्योगिक  विकास के लिए आरक्षित किया था। हालांकि इसके ऐवज में किसी तरह का मुआवजा नहीं दिया गया था। इसके बाद गांव के बूजुर्गों ने जमीन से औद्योगिक विकास बनाने के प्रस्ताव को हटाने  के लिए लड़ाई लड़ी, जिसमें उन्हें सफलता मिली और करीब 45 साल के बाद उन्हें जीत मिली और उनकी पुस्तैनी जमीन वापस मिली। साल 2011 से 2012 के बीच जमिन से औद्योगिक विकास  प्रयोजन को हटा दिया गया। इस जमीन पर हमने ढाबा, होटल सहित विभिन्न छोटे उद्योग शुरु किए गए है। उन्हीं पर हमारा परिवार आश्रित है। इस जमीन को गैरकृषक कर दिया गया है।  जमीन का नियोजित तरीके से विकास करने का प्रस्ताव मंजुरी के लिए पेश किया गया है।  इसके तहत सौ परिवारों के निवास का प्रबंध, उद्योग के लिए वाणिज्यिक निर्माण करने का प्रयास  किया जा रहा है। यहां भिवंडी-कल्याण मेट्रो परियोजना के तहत कारशेड तैयार करने के लिए जमीनों का अधिग्रहण किया जाने वाला है। समिति का कहना है कि कारशेड के लिए सरकारी जमीन  के बदले हमारे जमीन का उपयोग किया जाने वाला है। समिति ने कहा कि  लोकहित की परियोजनाओं के लिए जमीन देने का हमारा विरोध नहीं है, लेकिन सरकरा हमें बाजार मुल्य से मुआवजा  दे। उनके इस मांग पर सरकरा विचार नहीं करती है, तो वह सरकारी जमीन पर कारशेड बनाने के बारे में सोचे। 
Labels:

Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget