भाजपा-शिवसेना महायुति की घोषणा

मुंबई
आखिरकार भाजपा-शिवसेना महायुति के निर्णय पर मोहर लग गई है। मीडिया को भाजपा और शिवसेना की ओर से संयुक्त रूप से जारी एक पत्र के माध्यम से महायुति का निर्णय  घोषित किया गया है। इस पत्र में सीटों के बंटवारे का फार्मूला नहीं है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने नागपुर में कहा कि महायुति की घोषणा हो चुकी है। महायुति के माध्यम से हमने  पांच साल जो काम किया है, इसी आधार पर जनता का आशीर्वाद मांगेंगे। पीएम मोदी के नेतृत्व में लोकसभा चुनाव में हमें जनादेश मिला था, अब विधानसभा चुनाव में भी ऐसा ही  जनादेश मिलेगा, इसका हमें पूर्ण विश्वास है। महायुति की घोषणा वाले इस पत्र में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल और शिवसेना नेता सुभाष देसाई के हस्ताक्षर हैं। पत्र में  कहा गया है कि राज्य में पिछले पांच साल में सफलतापूर्वक कामकाज करते हुए महाराष्ट्र को एक नई ऊंचाई पर लाने का काम महायुति सरकार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस और  शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे के मार्गदर्शन में किया। अब लोकतंत्र की परंपरा के अनुसार एक बार फिर से चुनाव का सामना करेंगे। शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे और  मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस सहित अन्य मित्रदलों के नेता केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले, महादेव जानकर, विनायक मेटे और सदाभाऊ खोत से हुई चर्चा के बाद महाराष्ट्र विधानसभा  के आगामी चुनाव में महायुति के रूप में चुनाव लड़ने का निर्णय एकमत से लिया गया है। इसी अनुसार हम महायुति की घोषणा कर रहे हैं। पत्र में कहा गया है कि महायुति में कौन  सी पार्टी, कितनी जगहों पर चुनाव लड़ेगी, इसकी घोषणा जल्द ही की जाएगी। महायुति में भाजपा- शिवसेना के अलावा भारतीय रिपब्लिकन पार्टी (आठवले), राष्ट्रीय समाज पक्ष  (रासप), शिवसंग्राम और रयत क्रांति पक्ष शामिल है। इसके पहले, प्रदेश भाजपा कार्यालय में मीडिया से बात करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत दादा पाटिल ने कहा था कि  भाजपा-शिवसेना और सहयोगी दलों की महायुति 100 फीसदी होगी और जल्द ही इसकी घोषणा एक पत्र के माध्यम से की जाएगी, जो आज कर दी गई। पाटिल ने कहा था कि  महायुति की अधिकृत घोषणा मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस और शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे करेंगे। मैं बार-बार कह रहा हूं कि सीटों का वितरण हो चुका है, जो सभी को मान्य है।  एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा था कि उपमुख्यमंत्री पद शिवसेना को देना है या नहीं, इस बारे में कोई निर्णय नहीं लिया गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आम लोगों में  महायुति की उत्सुकता थी और वे महायुति चाहते थे, लेकिन विपक्ष चाहता था कि महायुति न हो। इसके पहले रविवार रात को नई दिल्ली में भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की  देर रात चली बैठक में शिवसेना को दी जाने वाली सीटों पर अंतिम निर्णय लिया गया। सूत्रों के अनुसार विधानसभा की 288 सीटों में से भाजपा मित्र दलों को मिलाकर 160 से  अधिक सीटों पर चुनाव लड़ सकती है, जबकि शिवसेना को करीब 128 सीटें मिलने की संभावना है।

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