रोहिंग्या शरणार्थियों को वापस जाना होगा

नई दिल्ली
भारत ने रोहिंग्या शरणार्थियों के मुद्दे पर बांग्लादेश से कहा है कि हमें उन्हें यह समझाना होगा कि वह लंबे समय तक किसी दूसरे देश में नहीं रह सकते। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री  शेख हसीना के साथ बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुद्दे पर चर्चा करते हुए यह बात कही। सरकारी सूत्रों के मुताबिक उन्होंने रोहिंग्या शरणार्थियों के लिए बांग्लादेश की ओर  से किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। पीएम ने कहा कि हमने भी रोहिंग्या शरणार्थियों की सामाजिक-आर्थिक मदद की है और भारत अब तक उन पर 120 करोड़ रुपये खर्च कर  चुका है। पीएम ने कहा कि हमें मिलकर रोहिंग्या शरणार्थियों को समझाना होगा कि उनके हित में यही है कि वे म्यांमार वापस लौट जाएं। मोदी ने कहा कि लंबे समय तक वे दूसरे  देश में ऐसी स्थितियों में नहीं रह सकते। इस दौरान शेख हसीना ने पीएम मोदी को बांग्लादेश की ओर से रोहिंग्या शरणार्थियों को वापसी के लिए राजी करने के प्रयासों के बारे में भी जानकारी दी।

भारत-बांग्लादेश में सात समझौतों पर हस्ताक्षर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना के साथ शनिवार को मुलाकात के बाद भारत और बांग्लादेश के बीच कुल 7 करारों पर दस्तखत हुए। दोनों नेताओं ने  बांग्लादेश से एलपीजी इंपोर्ट सहित 3 प्रोजेक्ट्स को लांच किया। तीनों ही प्रॉजेक्ट की लांचिंग वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए की गई। शेख हसीना के साथ ज्वाइंट प्रेस कांफ्रेंस में  प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्हें खुशी है कि पिछले एक साल में उन्हें भारत और बांग्लादेश के 12 ज्वाइंट प्रोजेक्ट्स के उदघाटन का मौका मिला। दोनों देशों के बीच एयर कनेक्टिविटी भी बढ़ने वाली है। सूत्रों के मुताबिक दोनों देशों के बीच उड़ानों की संख्या बढ़ाकर हर सप्ताह 120 की जाएगी।
ज्वाइंट प्रेस ब्रीफिंग में पीएम मोदी ने कहा कि मुझे खुशी है कि आज मुझे भारत और बांग्लादेश के बीच 3 और द्विपक्षीय परियोजनाओं के उद्घाटन का मौका मिला। एक साल में  हमने 12 ज्वाइंट प्रॉजेक्ट्स का उद्घाटन किया है। उन्होंने कहा कि आज की तीनों परियोजनाएं 3 अलग-अलग क्षेत्रों में हैं-एलपीजी इंपोर्ट, वोकेशनल ट्रेनिंग और सोशल फसिलटी।  तीनों का मकसद एक है-हमारे नागरिकों का जीवन बेहतर बनाना।
बता दें कि ये तीनों प्रोजेक्ट हैं-बांग्लादेश से एलपीजी आयात, बांग्लादेश-इंडिया प्रोफेशनल डिवेलपमेंट इंस्टिट्यूट और ढाका में रामकृष्ण मिशन में विवेकानंद भवन। प्रधानमंत्री  मोदी  ने कहा कि बांग्लादेश से बल्क एलपीजी सप्लाई दोनों देशों को फायदा पहुंचाएगी। एक प्रकार से विन-विन सिचुएशन। इससे बांग्लादेश में निर्यात, आमदनी और रोजगार भी बढ़ेगा।  ट्रांसपोर्टेशन की दूरी 1500 किमी कम हो जाने से आर्थिक लाभ भी होगा और पर्यावरण को भी कम नुकसान होगा।

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