शव रख परिजनों ने किया धरना-प्रदर्शन

प्रतापगढ़
 कलेजे के टुकड़े की जान बचाने की हर कोशिश नाकाम हो गई। शरीर में फंसी गोली तो नहीं निकली, बच्चे की जान जरूर निकल गई। बदहवास परिजनों को मदद के लिए शव रखकर धरना  देना पड़ा। आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के रमगढ़ा निवासी रमेश तिवारी के बेटे देवानंद तिवारी (15) को 17 सितंबर को घर के पास चली गोली लग गई थी। पेट में गोली लगने से प्रतापगढ़ और प्रयागराज के बाद उसे लखनऊ मेडिकल कॉलेज भेजा गया था। वहां पर ऑपरेशन कर शरीर में घुसी गोली निकालने का प्रयास नाकामरहा। बीते 18 सितंबर को डॉक्टरों ने ऑपरेशन तो किया,  लेकिन गोली नहीं निकाल पाए। इसके बाद सोमवार को डॉक्टर फिर से ऑपरेशन कर देवानंद की रीढ़ की हड्डी में फंसी गोली निकालने की तैयारी में थे, पर सोमवार की देर रात अचानक उसकी  सांसें थम गईं। शव मंगलवार रात दस बजे लखनऊ ट्रामा सेंटर से गांव लाया गया, तो उसे बुधवार को सुबह अंतिम संस्कार के लिए न ले जाकर परिजन धरने पर बैठ गए। वह प्रशासन से  आर्थिक सहायता, शस्त्र लाइसेंस, सुरक्षा, आरोपी की गिरफ्तारी एवं मौके पर डीएम, एसपी को बुलाने की मांग करने लगे। कुछ देर बाद मौके पर पट्टी एसडीएम धीरेंद्र प्रताप सिंह, सीओ नवनीत  कुमार नायक, नायब तहसीलदार राजकपूर, कोतवाल नरेंद्र सिंह दोपहर में पहुंचे। परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन नहीं माने। बाद में लगभग दोपहर दो बजे एसडीएम व सीओ के मांगों को पूरा करने के लिखित आश्वासन के बाद शव का अंतिम संस्कार करने इब्राहिमपुर घाट लेकर चले गए।
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