सुरक्षा को लेकर गृह मंत्री की बैठक

नई दिल्ली
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को सुरक्षा को लेकर एक बैठक की, जिसमें सीमा की सुरक्षा करने वाले बलों को निर्देश दिया कि वे अग्रिम स्थानों की सुरक्षा को प्रभावित  करने वाले मुद्दों की पहचान करें और उनके समाधान के लिए विस्तृत कार्ययोजना पेश करें। उन्होंने आतंकवाद, उग्रवाद, भ्रष्टाचार के साथ-साथ हथियारों, नशीले पदार्थों और मवेशियों  की तस्करी को 'कतई बर्दाश्त नहीं करने की' नरेंद्र मोदी सरकार की नीति पर भी जोर दिया। गृह मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि शाह की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक में  इन मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक का आयोजन सीमा सुरक्षा की मौजूदा स्थिति की समीक्षा तथा इसे और मजबूत बनाने के उपायों के संबंध में किया गया था। गृह मंत्री ने सीमा की  सुरक्षा करने वाले बलों के महानिदेशकों को सीमा की सुरक्षा को प्रभावित करने वाले सभी मुद्दों की पहचान करने और इस संबंध में गृह मंत्रालय को एक विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत  करने का निर्देश दिया। बयान के अनुसार गृह मंत्री ने आतंकवाद, घुसपैठ, भ्रष्टाचार एवं हथियारों, मादक पदार्थों और मवेशियों की तस्करी को 'कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति' को  दोहराते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को सक्त कदम उठाने का निर्देश दिया। मंत्री ने यह सुनिश्चित किए जाने पर भी बल दिया कि सीमा पर तैनात सुरक्षाकर्मियों के लिए आवास,  स्वास्थ्य और प्रशिक्षण की सर्वोत्तम सुविधाएं उपल ध हों। उन्होंने कहा कि हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि सीमा पर इन सुरक्षाकर्मियों के कारण ही 130 करोड़ देशवासी सुरक्षित हैं। 
इस बैठक में गृह सचिव अजय कुमार भल्ला, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), भारत-ति बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और असम राइफल्स के  महानिदेशकों के अलावा मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया। बीएसएफ भारत-पाकिस्तान और भारत-बांग्लादेश सीमाओं की सुरक्षा करता है, जबकि एसएसबी  भारत-भूटान और भारत-नेपाल सीमाओं की रक्षा करता है। आईटीबीपी चीन-भारतीय सीमा और असम राइफल भारत-ख्यामां सीमा की रक्षा करता है।

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