दमकल जवानोंको मिला शहीद का दर्जा

कालबादेवी आग दुर्घटना

मुंबई
कालबादेवी स्थित गोकुल निवास इमारत के आग हादसे में मृतक दमकल जवानों को शहीद का दर्जा दिया गया है। गौरतलब है कि इन जवानों को शहीद का दर्जा दिए जाने की मांग  की गई थी। साथ ही मृतक जवानों के परिवार में किसी एक को नौकरी देने की मांग की गई थी। मृतक दमकल जवानों को शहीद का दर्जा देने का निर्णय राज्य सरकार ने लिया था   और अब मनपा की ओर से इसे अनुमति दी गई है। जिस कारण अब इन परिवारों के किसी एक सदस्य को मनपा में नौकरी दी जाएगी। इसके अलावा मुफ्त में मकान भी दिया  जाएगा। 
बता दें कि कालबादेवी स्थित गोकुल निवास इमारत में नौ मई 2016 को भयानक आग लग गई थी। इस दौरान आग बुझाने में जुटे मुख्य दमकल अधिकारी सुनील नेसरीकर, सुधीर  गोपाल, अमीन, संजय राणे, मधुसूदन देसाई आग की चपेट में आ गए थे। मुख्य दमकल अधिकारी सहित सभी अधिकारियों को आग से निकालकर जीटी अस्पताल में भर्ती कराया  गया था, जहां पर राणे और देसाई की इलाज के दौरान मौत हो गई थी, जबकि अमीन की मौत 14 मई 2016 को हुई थी। इसके बाद मुख्य दमकल अधिकारी नेसरीकर की भी 24  मई को मौत हो गई थी । 29 जून को मनपा सदन की बैठक में सभी दमकल जवानों को शहीद का दर्जा दिए जाने का निर्णय लिया गया।दमकल जवानों को शहीद का दर्जा देने के  लिए राज्य सरकार की अनुमति जरूरी है। इसी के तहत राज्य सरकार ने 22 जुलाई 2016 को सभी दमकल जवानों को शहीद का दर्जा दिया। अब मनपा प्रशासन ने भी दमकल  जवानों को शहीद का दर्जा देते हुए उनके परिवार के लोगों को मुंबई में एक घर दिए जाने का निर्णय लिया है । घर नहीं दिए जाने पर मनपा सभी शहीद परिवार के लोगों को रहने  वाले इलाकों के अनुसार प्रति वर्ग फुट के अनुसार पैसा देगी। इसके अलावा परिवार में एक व्यक्ति को उनकी शिक्षा के अनुसार नौकरी भी देगी। इसके अलावा प्रत्येक परिवार को  25 लाख रुपए दिया जाएगा, जिसे अगले 10 साल तक निकाला नहीं जा सकेगा। सिर्फ बैंक में जमा हुए पैसे का ब्याज ही परिजन निकाल सकेंगे।

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