मर्द की तरह सामने से लड़ो

मुंबई
मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने बिना नाम लिए विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा शिखंडी की तरह नहीं बल्कि मर्द की तरह सामने आकर वॉर करना चाहिए, मरे हुए आदमी की तरह  मत लड़ो। यदि शपथपत्र में कोई गलती है, तो यह गलत नोटरी है। उम्मीदवार के साथ कुछ भी गलत नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया है कि आवेदन वैध है और नोटिस के बिना  फॉर्म रद्द नहीं किया जाएगा। हमने उन दस्तावेजों को चुनाव अधिकारियों के साथ संलग्न किया है। बता दें कि बीते शुक्रवार को नागपुर दक्षिण-पश्चिम निर्वाचन क्षेत्र से मुख्यमंत्री  फड़नवीस ने अपना नामांकन दाखिल किया था। उसके बाद कांग्रेस उम्मीदवार आशीष देशमुख ने मुख्यमंत्री के शपथ-पत्र को गलत ठहराते हुए चुनाव अधिकारी से शिकायत की थी,  जिसकी जांच के बाद सीएम फड़नवीस के नामांकन को वैध घोषित किया गया।
नागपुर दक्षिण-पश्चिम से चुनाव लड़ रहे कांग्रेस उम्मीदवार आशीष देशमुख, प्रशांत पवार सहित अन्य ने मुख्यमंत्री के नामांकन पर आपत्ति प्रकट की थी। कांग्रेस का आरोप था कि  मुख्यमंत्री के शपश-पत्र में नोटरी की अवधि समाप्त हो चुके स्टांप का इस्तेमाल किया गया है। कांग्रेस के आरोप के मुताबिक फड़नवीस के शपथ-पत्र के लिए 28 दिसंबर 2018 की  तारीख को खरीदे गए स्टांप पेपर का इस्तेमाल किया गया है, जिसके बाद सीएम के नामांकन फॉर्म की स्क्रूटनी की गई। तहसील कार्यालय में चुनाव अधिकारी के समक्ष मुख्यमंत्री के  प्रतिनिधि के रूप में संदीप जोशी, वकील उदय डबले और पारिजात पांडे उपस्थित थे, जबकि विपक्ष की तरफ से कांग्रेस, जय जवान जय किसान संगठन, आम आदमी पार्टी के नेता  और कार्यकर्ता उपस्थित थे। मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से दिए गए स्पष्टीकरण में कहा गया कि नोटरी स्टांप पेपर पर पुरानी तारीख है, यह बात सीएम की तरफ से मंजूर की  गई, लेकिन केंद्र सरकार ने नोटरी की मर्यादा पांच वर्ष बढ़ाकर दी है, इस बात के ऑर्डर का विवरण सामने आ रहा है। इस बारे में कोई भी तकनीकी दिक्कत नहीं होगी। नामांकन  पत्र को वैध ठहराए जाने से मुख्यमंत्री को बड़ी राहत मिली है। बता दें कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस नागपुर दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतरे हैं। उनके खिलाफ  कांग्रेस ने आशीष देशमुख को प्रत्याशी बनाया है।

राधाकृष्ण विखे पाटिल को भी राहत
चुनाव आयोग ने शिर्डी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी राधाकृष्ण विखे पाटिल के नामांकन को वैध ठहराया है। कांग्रेस के प्रत्याशी सुरेश थोरात ने विखे पाटिल के नामांकन पत्र पर  आपत्ति प्रकट की थी। थोरात ने कहा था कि विखे पाटिल ने जिस व्यक्ति के पास से नोटरी कराई है, उसने एफिडेविट पर जो मुहर लगाई है, उसकी मुद्दत कब खत्म होगी, इसका  उल्लेख नोटरी करने वाले व्यक्ति ने नहीं किया।
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