हमें रूस से क्या खरीदना है, क्या नहीं; इसमें किसी का दखल नहीं चाहत

विदेशमंत्री की अमेरीका को दो टूक

वॉशिंगटन
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रूस से सैन्य समझौता करने पर पहली बार अमेरिका को सीधे जवाब दिया है। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो के साथ सोमवार को बैठक   के बाद उन्होंने कहा कि भारत रूस से एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदने के लिए स्वतंत्र है। किसी भी देश को इसमें हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। हम नहीं चाहते कि कोई देश   हमें बताए कि रूस से क्या खरीदना है और क्या नहीं। भारत ने रूस से पिछले साल ही एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदने का करार किया है। हालांकि, अमेरिका ने इस पर  नाराजगी जताते हुए कई बार भारत पर प्रतिबंध लगाने की धमकी भी दी। पत्रकारों से बातचीत करते हुए जयशंकर ने कहा कि हम इस बात के पक्षधर रहे हैं कि सैन्य खरीदारी   किसी भी देश का अधिकार है। किसी भी चीज को चुनने की आजादी हमारी अपनी है। मुझे लगता है कि यह सभी के हित में है कि वे हमारी स्वायत्तता को पहचानें।

भारत-रूस के समझौते पर अमेरिका जताता रहा है नाराजगी
डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन लगातार ही भारत और रूस के बीच सैन्य समझौते पर नाराजगी जताता रहा है। दो महीने पहले जब भारत ने रूस को एडवांस पेमेंट किया, तब भी अमेरिका ने  धमकी देते हुए कहा था कि भारत का यह फैसला दोनों देशों के रिश्तों पर गंभीर असर डालेगा। ट्रंप प्रशासन के अफसर लगातार कहते रहे हैं कि भारत को सैन्य समझौतों के लिए  अमेरिका और रूस में से किसी एक को चुनना होगा।

काट्सा कानून के तहत प्रतिबंध लगा सकता है अमेरिका
अमेरिका काट्सा कानून के तहत अपने दुश्मन से हथियार खरीदने वाले देशों पर प्रतिबंध लगा सकता है। इस लिहाज से भारत भी रूस से हथियार खरीदने के लिए प्रतिबंधों के दायरे  में आ सकता है। हाल ही में अमेरिका ने तुर्की पर एस-400 सिस्टम खरीदने के लिए प्रतिबंध लगा दिए थे।

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