बेहतर हो रहे कश्मीर घाटी के हालात

Faruq Abdulla
श्रीनगर
कश्मीर घाटी के हालात धीरे धीरे सामान्य हो रहे हैं। राज्य के डीजीपी दिलबाग सिंह का कहना है कि जम्मू, लेह और लद्दाख में वर्तमान हालात बहुत शांतिपूर्ण हैं और कश्मीर में  स्थिति पहले से ठीक है। रविवार को श्रीनगर के बाजारों में जमकर भीड़ उमड़ी।

सर्दी के कपड़े खरीदने को उमड़ी भीड़
दूसरी ओर, श्रीनगर में रविवार को लगने वाले साप्ताहिक बाजार में सामान खरीदने के लिये लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा जबकि शहर में सुबह के वक्त कुछ दुकानें खुलीं। अधिकारियों  ने बताया कि बाजार में खरीदारों की भारी भीड़ थी क्योंकि सर्दी के मौसम की धमक को देखते हुए लोग कपड़े और अन्य जरूरी सामान खरीदने के लिए आए थे।

आने वाले दिनों में  और सुधरेगी स्थिति: डीजीपी
रविवार को मीडिया से वार्ता में डीजीपी दिलबाग सिंह ने बताया कि पिछले कुछ दिनों के दौरान सीजफायर का उल्लंघन कर पाकिस्तान आतंकियों को सीमा पार भेजने का प्रयास कर  रहा है पर भारतीय सेना ने उनके मंसूबों को विफल कर दिया है। सीमा पर करीब दो से तीन सौ आतंकी मौजूद हैं। उरी, राजौरी, पुंछ और अन्य इलाकों में पड़ोसी देश संघर्ष विराम  का उल्लंघन कर रहा है। दिलबाग सिंह ने कहा कि आने वाले दिनों में घाटी की स्थिति में और सुधार देखने को मिलेगा।

नजरबंद उमर और फारुक अब्दुल्ला से मिला एनसी का प्रतिनिधिमंडल
नेशनल कांफ्रेंस (एनसी) के अध्यक्ष फारुक अब्दुल्ला और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से नजरबंदी के तकरीबन दो महीने बाद एनसी के प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को मुलाकात की।  इस मुलाकात के बाद पार्टी के ही दो नेताओं ने स्पष्ट किया कि पार्टी पंचायत चुनाव नहीं लड़ेगी, क्योंकि उनका पूरा नेतृत्व जेल में है। उधर, हसनैन मसूदी ने एक टीवी चैनल से   बातचीत में कहा कि हम उनका हालचाल जानने आए थे और राजनीति पर कोई भी चर्चा नहीं हुई। हम खुश हैं क्योंकि दोनों ठीक हैं और उनके इरादे भी बहुत ऊंचे हैं। निश्चित रूप  से वे राज्य के घटनाक्रम से पीड़ित हैं।
मुलाकात के दौरान उमर अब्दुल्ला अपनी पार्टी के नेताओं के साथ सेल्फी लेते हुए भी नजर आए। बता दें कि पार्टी नेताओं का 15 सदस्यीय शिष्टमंडल जम्मू प्रांतीय अध्यक्ष देवेंद्र  सिंह राणा के नेतृत्व में फारुक और उमर से मिलने के लिए श्रीनगर पहुंचा। फारुक और उमर से मुलाकात के बाद राणा ने कहा कि हम खुश हैं कि वे दोनों स्वस्थ हैं। निश्चित रूप  से वे राज्य के घटनाक्रम से पीड़ित हैं। अगर राजनीतिक प्रक्रिया शुरू करनी है तो मुख्यधारा के नेताओं को छोड़ना होगा। 81 वर्षीय फारुक अब्दुल्ला श्रीनगर स्थित अपने आवास पर  नजरबंद हैं, जबकि उमर अब्दुल्ला को स्टेट गेस्ट हाउस में हिरासत में रखा गया है। दरअसल, जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 और 35ए को हटाए जाने के बाद पहली बार स्थानीय  निकायों के चुनाव होने जा रहे हैं। उधर, दोनों ही पार्टियों के आला नेता, फारुक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला और पीडीपी की महबूबा मुफ्ती नजरबंद हैं। चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तारीख नौ अक्टूबर है।
आज महबूबा से मिलेगा पीडीपी नेताओं का प्रतिनिधिमंडल ऐसे माहौल में पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) का एक दस सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल नजरबंद चल रहीं पार्टी मुखिया  महबूबा मुफ्ती से आज मुलाकात करने जाएगा। वहीं, पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती से मिलने जा रहे पार्टी नेता फिरदौस टाक ने बताया कि हमने राज्यपाल से इस संबंध में गुजारिश की थी। उन्होंने हमारी मांग स्वीकार कर ली है। हम मुफ्ती से जम्मू कश्मीर के वर्तमान हालात और अन्य मुद्दों पर चर्चा करेंगे। दो महीने पहले जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए  जाने के बाद से महबूबा मुफ्ती और अन्य पार्टी नेता अपने आवास पर नजरबंद चल रहे हैं। पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने श्रीनगर में लगे कर्फ्यू के बीच महबूबा की बेटी इल्तिजा को  भी उनसे मिलने की इजाजत दी थी।

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