'सुप्रीम' फैसले के लिए यूं तैयार हो रही अयोध्या

Ayodhya
अयोध्या
अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ में अंतिम दौर की सुनवाई के बीच राम की नगरी में जिंदगी सामान्य रूप से चल रही है। अदालत का फैसला आने की सुगबुगाहट  पर लोग गाहे-बगाहे चर्चा करते भी दिख जाते हैं। इन सबके बीच अयोध्या और उससे सटे फैजाबाद में सुरक्षा इंतजामों को दुरुस्त किया जा रहा है। प्रशासन के लिए अगले दो महीने  काफी चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं। संभावित फैसले को देखते हुए जिले में 10 दिसंबर तक के लिए धारा 144 लागू कर दी गई है। उधर मंदिर आंदोलन से लंबे अरसे से जुड़े एक बड़े  महंत का कहना है कि इंतजार की घड़ी अब खत्म हो रही है। इस बीच अयोध्या में दीपोत्सव को सफल बनाने में सरकार और प्रशासनिक अमला पूरी मशक्कत कर रहा है। 
कोर्ट में चल रही सुनवाई से इतर अभी सारा फोकस दीपोत्सव पर दिख रहा है। सिटी एसपी विजयपाल सिंह ने बताया, 'सुरक्षा को चाक-चौबंद किया गया है। स्कूल-कॉलेज और  धर्मशालाओं की लिस्ट बनाई जा रही है जहां अतिरिक्त फोर्स ठहराई जा सके। पीएसी की 10 कंपनियों के साथ-साथ केंद्रीय सुरक्षा बलों की अतिरिक्त कंपनियां भी मंगाई जा रही हैं।'  'शुभ घड़ी आ गई है' इस बीच राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास का कहना है, 'शुभ घड़ी आ गई है। उम्मीद है कि रामायण मेले से पहले मंदिर निर्माण का  कार्य शुरू हो जाएगा।' नृत्य गोपाल दास रामायण मेला समिति के अध्यक्ष भी हैं। अयोध्या में 30 नवंबर से 3 दिसंबर तक रामायण मेले का आयोजन प्रस्तावित है।

कार्यशाला में भी पहुंच रहे श्रद्धालु
जबसे पता चला है कि सुप्रीम कोर्ट में जल्द ही अयोध्या विवाद पर फैसला आ सकता है, उसी के बाद से रामघाट स्थित मंदिर निर्माण कार्यशाला पर भी काफी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।   राम जन्मभूमि, हनुमान गढ़ी, कनक भवन और सीता रसोई के साथ ही कार्यशाला पर भी लोग मत्था टेकने पहुंच रहे हैं। यहां बड़ी संख्या में पत्थर तराशे गए हैं और प्रस्तावित राम  मंदिर का मॉडल भी रखा हुआ है। श्रद्धालु यहां भी फूल चढ़ाते देखे जा रहे हैं।
उधर प्रशासन अयोध्या में लोगों की आवाजाही पर नियंत्रण के लिए भी जरूरी कदम उठा रहा है। इलाहाबाद रोड, लखनऊ रोड, आजमगढ़ रोड, गोरखपुर रोड सहित अयोध्या को जोड़ने  वाली तमाम सड़कों पर चेक पॉइंट बनाए जा रहे हैं। यहां वाहनों की चेकिंग के बाद ही उन्हें आगे बढ़ने की इजाजत दी जाएगी।

हाजी महबूब के आवास पर बैठक
मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी का कहना है कि कोर्ट का जो भी फैसला होगा उसे मुस्लिम समाज मानेगा, अफवाहों पर न जाएं। सुनवाई के बीच बाबरी मस्जिद के पक्षकार हाजी  महबूब ने रविवार को अयोध्या स्थित अपने आवास पर मुस्लिम समुदाय के लोगों के साथ एक अहम बैठक की। इस बैठक में हाजी महबूब ने स्पष्ट ऐलान किया कि अयोध्या  विवाद में सुप्रीम कोर्ट जो भी फैसला सुनाएगा, उसे मुस्लिम समाज के लोग मानेंगे।
वीएचपी द्वारा दीपावली पर रामलला के गर्भगृह में दीपदान की मांग किए जाने पर हाजी महबूब ने कहा कि अगर इसकी अनुमति मिलती है तो हम भी रिसीवर से नमाज की  अनुमति मांगेंगे। बैठक में हाजी महबूब ने कहा कि मुस्लिम धर्म के लोग इस बात को लेकर आशंकित हैं कि कहीं सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद 1992 जैसे हालात दोबारा ना  बनें। ऐसे में अयोध्या के मुसलमानों को इसका विश्वास रखना होगा कि जिले में कानून व्यवस्था के मुद्दे पर प्रशासन पूरी तरह से सख्त है।

अयोध्या मामले में अंतिम सुनवाई
चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच जजों की संवैधानिक पीठ ने मुस्लिम पक्ष से कहा है कि वह 14 अक्टूबर तक अपनी दलीलें पूरी करे।

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