Modi jinping
महाबलीपुरम
भारत के प्राचीन शहर मामल्लापुरम यानी महाबलीपुरम में शुक्रवार को दुनिया के दो 'महाबलियों' भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात हुई।   पहले से तय था कि यह मुलाकात अनौपचारिक है और जब दोनों नेता मिले तो उनके पहनावे से लेकर हावभाव में कोई प्रोटोकॉल आड़े नहीं आया। पीएम मोदी तमिलनाडु के   पारंपरिक परिधान वेष्टि (धोती जैसा परिधान), आधे बाजू वाले सफेद शर्ट और कंधे पर अंगवस्त्रम के साथ दिखे, तो सफेद शर्ट और पैंट में थे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग। मोदी  ने सड़क पर ही चीन के राष्ट्रपति की अगवानी की और फिर अगले एक घंटे तक शी को महाबलीपुरम के प्राचीन मंदिरों, अनोखी झुकी हुई चट्टान जैसी भारत की अनमोल विरासत को  दिखाया। दरअसल, मामल्लापुरम का चीन से 1700 साल पुराना कनेक्शन है। 
ऐसे में माना जा रहा है कि प्राचीन विरासत को दिखाते हुए पीएम ने चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग को भारत-चीन के पुराने कनेक्शन के बारे में भी बताया। मामल्लापुरम में प्रधानमंत्री  मोदी शी जिनपिंग को तीन ऐतिहासिक स्मारकों को दिखाने ले गए। इसमें अर्जुन की तपस्यास्थली, पंच रथ और शोर मंदिर शामिल हैं। शाम होते ही शोर मंदिर में दोनों नेताओं ने   रामायण की कहानी का मंचन भी देखा। यह सांस्कृतिक नृत्य भारत के प्रसिद्ध सांस्कृतिक नृत्य समूह कलाक्षेत्र द्वारा पेश किया गया, जिसे मशहूर ब्लासिकल डांसर और ऐक्टिविस्ट   रुम्मणि देवी ने 1936 में गठित किया था।

मोदी ने दिखाया अजूबा 
रिश्तों में दिखी गर्मजोशी
यहां पीएम मोदी और शी चिनफिंग ने कृष्णा बटरबॉल का भ्रमण किया। करीब 250 टन वजनी यह प्राकृतिक चट्टान पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है। इस चट्टान के बारे में कहा जाता है कि 1200 साल से यह एक ही स्थान पर है। ढलान पर होने के बाद भी यह भारी भरकम चट्टान सदियों से एक ही जगह जमी है। यह अपने आप में अजूबा है। इसका  संतुलन कमाल का है। लोग यहां आकर सेल्फी भी खींचते हैं। यह लगभग 6 मीटर ऊंची और 5 मीटर चौड़ी है। इसी प्राचीन पत्थर के आगे पीएम और शी जिनपिंग ने हाथ उठाकर  दोस्ती का संदेश भी दिया। पीएम हाथ के इशारे से चट्टान के बारे में शी को कुछ बताते हुए नजर आए। इसके बाद शी जिनपिंग ने मुस्कुराकर कुछ उत्तर दिया।

पल्लवों का बनाया पंच रथ भी देखा दोनों नेताओं ने
पीएम मोदी और शी जिनपिंग ने साथ में पंच रथ का भ्रमण किया। महाभारत के पात्रों के नाम पर पंच रथ बनवाया गया है। इस दौरान पीएम और चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग ने कैमरे  के सामने पोज भी दिए। कहा जाता है कि 7वीं शताब्दी में पल्लव राजाओं ने इसका निर्माण कराया था। इस पंच रथ को वास्तुकला के साथ संतुलन के लिहाज से अद्भुत माना जाता  है। पंच रथ देखने के बाद कुछ देर के विश्राम के लिए मोदी और शी बैठे। इस दौरान भी पीएम नरेंद्र मोदी चीन के राष्ट्रपति से कुछ चर्चा करते नजर आए और शी गंभीरता से उन्हें  सुनते दिखे। 

शास्त्रीय संगीत के बीच शोर मंदिर का भ्रमण
इसके बाद पीएम नरेंद्र मोदी और शी चिनफिंग समुद्र किनारे स्थित शोर मंदिर पहुंचे। इसके पूरब और पश्चिम दोनों ही दिशाओं में शिवमंदिर हैं, जिनमें गर्भगृह और शिवलिंग  स्थापित है। दोनों मंदिरों के बीच में एक छोटा सा मंदिर है, जिसमें लेटे हुए विष्णु हैं। मंदिर प्रांगण में शास्त्रीय संगीत गूंज रहा था। शाम की सुंदर बेला में पीएम और शी ने  ऐतिहासिक मंदिर का भ्रमण किया। समुद्री हवा और नमक के परिवेश के कारण मंदिर के पत्थर काफी धूमिल हो गए हैं। पत्थरों पर कई सुंदर कलाकृतियां भी हैं, जिसकी ओर पीएम  
मोदी ने खास तौर पर इशारा किया।

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