भाजपा से नहीं तोड़ना चाहते गठबंधन : उद्धव

मुंबई
राज्य में भाजपा और शिवसेना के बीच सत्ता का पेंच अभी तक फंसा हुआ है। इस बीच गुरुवार को मातोश्री पर आयोजित शिवसेना विधायकों की बैठक में शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव   ठाकरे ने कहा कि उन्हें युति नहीं तोड़नी है, भाजपा को निर्णय लेना चाहिए। उद्धव ने कहा कि लोकसभा चुनाव के वक्त जो तय हुआ है, वह लागू होना चाहिए, बाकी कुछ भी अपेक्षा   नहीं है। यह कहते हुए उद्धव ठाकरे ने गेंद भाजपा के पाले में उछाल दी है। इस बैठक के सरकार गठन को लेकर अनिश्चितता और विधायकों के दल-बदल की आशंका के बीच शिवसेना विधायकों को रंगशारदा होटल में ठहराया गया है।
बैठक में उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिवसेना का निर्माण स्वाभिमान के लिए हुआ है। केवल भाजपा को दुविधा में डालने के लिय यह नहीं किया जा रहा है। जो तय हुआ, वह मान्य है  तो भाजपा नेतृत्व को फोन करना चाहिए। जितना तय हुआ है, उससे ज्यादा कुछ भी नहीं चाहिए। यदि भाजपा ने जो वादा किया था, उसका वे पालन नहीं करेंगे, तो मैं अपनी  भूमिका पर कायम रहूंगा। शिवसेना पक्ष प्रमुख ने कहा कि पहले ढाई साल या बाद में इस पर विवाद नहीं है, लेकिन कहा जा रहा है कि कुछ भी तय नहीं हुआ था तो फिर चर्चा क्यों  करनी? उद्धव ठाकरे के यह बयान देकर एक तरह से भाजपा से बातचीत की तैयारी दिखाई है। भाजपा की तरफ से शिवसेना को बार-बार चर्चा के लिए आमंत्रित किया जा रहा है।  उन्हें भाजपा नेतृत्व के फोन का इंतजार है। इधर बैठक में सरकार गठन पर अंतिम निर्णय लेने के लिए पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे को अधिकृत किया गया। शिवसेना विधायक सुनील   प्रभु ने कहा कि मौजूदा स्थिति में सभी विधायकों का साथ रहना जरूरी है। उद्धवजी जो भी फैसला लेंगे, हम सब उसे मानने के लिए बाध्य होंगे। ठाकरे की अगुवाई में पार्टी के सभी   विधायकों की बैठक एक घंटे तक चली, जिसमें राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की गई और विधायकों ने दोहराया कि लोकसभा चुनावों से पहले पदों एवं जिम्मेदारियों की समान साझेदारी के जिस फॉर्मूले पर सहमति बनी थी उसे लागू किया जाए। पार्टी मुख्यमंत्री पद को ढाई- ढाई साल की अवधि के लिए भाजपा के साथ साझा करने के अपने फैसले पर भी  अडिग नजर आई। पार्टी विधायक शंभुराजे देसाई ने बैठक समाप्त होने के बाद संवाददाताओं को बताया कि शिवसेना विधायकों ने एक प्रस्ताव पारित कर सरकार गठन के संबंध में  अंतिम निर्णय लेने के लिए उद्धव ठाकरे को अधिकृत किया। वहीं शिवसेना विधायक अ दुल सत्तार ने कहा कि अगला मुख्यमंत्री शिवसेना से होगा। उद्धवजी सरकार गठन पर अंतिम  निर्णय लेंगे। शिवसेना के राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने कहा कि सरकार गठन पर शिवसेना के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है। सभी विधायक उद्धव का समर्थन करते हैं।  उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक अस्थिरता के लिए जिम्मेदार लोग राज्य को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने एक बार फिर कहा कि मुख्यमंत्री शिवसेना का  ही होगा। भाजपा और शिवसेना मुख्यमंत्री पद के मुद्दे पर उलझी हुई है, जिससे 24 अक्टूबर को आए विधानसभा चुनाव के नतीजों में गठबंधन को 161 सीट मिलने के बावजूद सरकार गठन को लेकर गतिरोध बना हुआ है। 288 सदस्यीय विधानसभा के लिए हुए चुनावों में भाजपा को 105 सीटें, शिवसेना को 56, राकांपा को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें  मिली थीं।
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