किशमिश भी सेहत के लिए जरूरी

वैसे तो किशमिश सूखे हुए अंगूर का दूसरा रूप होता है परन्तु इसमें न सिर्फ अंगूर के गुण ही विद्यमान होते हैं, बल्कि दूध के भी लगभग सभी तत्व पाये जाते हैं। इस बारे में   अधिकांश डाक्टरों  की यही राय है कि किशमिश को दूध के अभाव में अमल में लाया जा सकता है क्योंकि यह दूध की तुलना में जल्द ही पच जाता है। इतना ही नहीं, वृद्धावस्था में  इसका नियमित सेवन करने से न केवल खुद को बीमारियों से बचाया जा सकता है अपितु उम्र वृद्धि में भी काफी मददगार साबित होता है। आयुर्वेद की मानें तो किशमिश की शर्करा  शरीर में शीघ्र ही पचकर आत्मसात् हो जाती है जिससे शक्ति और स्फूर्ति प्राप्त होती है। यही नहीं, कठोर परिश्रम, कुपोषण अथवा किसी बड़ी बीमारी के पश्चात् जब हमारे शरीर की  शक्ति क्षीण हो जाती है, तब खोई हुई शक्ति को पुन: हासिल करने के लिए भी किशमिश शरीर हेतु संजीवनी साबित होती है। दूसरे शब्दों में हम कह सकते हैं कि क्षीण होती शक्ति  को दुरुस्त करने में किशमिश अपनी अहम् भूमिका निभाती है। किशमिश खाने में मधुर स्निग्ध, शीतल व पित्तशामक प्राकृतिक गुणों से भी परिपूर्ण होती है जिससे शरीर को अन्य  कई फायदे भी होते हैं। औषधीय गुणों का बखान करें तो किशमिश खाने से जहां कब्ज, अनीमिया, बुखार, और यौन रोग जैसे कई गंभीर रोगों का जोखिम कम हो जाता है वहीं यह  वजन बढ़ाने में भी मददगार साबित होता है। इसके अलावा किशमिश में आयरन, पोटेशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम और फाइबर भरपूर मात्रा में मौजूद होता है जोकि शरीर को  अन्य कई और भीषण बीमारियों से बचाए रखता है। आइये अब जानते हैं किशमिश की उन तमाम औषधीय खूबियों के बारे में जिससे इसकी तुलना एक अमूल्य औषधि के रूप में की जाती हैं
  • मेवा के रूप में प्रसिद्ध किशमिश कोलेस्ट्राल के स्तर को कम करने और रक्तचाप को घटाने में मदद करता है।
  • रात्रि में जल में भिगोकर शरबत बनाकर सुबह - शाम सेवन करने से पित्तशमन, वायुअनुलोमन तथा मल निस्सारण जैसे रोगों में भी लाभदायक होता है।
  • किशमिश रक्तपित्त ,दाह एवं जीर्णज्वर को खत्म करने में रामबाण औषधि है। साथ ही, यह मुंह में होने वाले हानिकारक वैक्टीरिया की वृद्धि को भी रोकता है।
  • यदि आप शराब पीने की लत से बेहद परेशान है और इससे आपको छुटकारा नहीं मिल रहा तो शराब की तलब की शिकायत होने पर शराब के स्थान पर 10 से 12 ग्राम किशमिश  नित्य चबाकर खायें तो चंद दिनों में ही शराब पीने की लत से पूर्णतया मुक्त हो जायेंगे। इस तरह, व्यक्ति खुद में शक्ति का संचार और प्रसन्नता का अनुभव करने लगेगा।
  • रोजाना किशमिश खाने से आँखों की रोशनी में बढ़ोत्तरी होती है इसलिए यह आँखों के लिए संजीवनी है।
  • यह कैल्शियम का अच्छा स्रोत होने के कारण हमारी हड्डियों को मजबूती प्रदान करता है।
  • किशमिश गठिया और गुर्दे की पथरी को रोकने के उपचार में बहुत लाभदायी हैं।

अंत में, यहाँ ध्यान देने योग्य बात यह है कि किशमिश को खाने से  पूर्व सदैव अच्छी तरह से धोना चाहिए जिससे धूल मिट्टी, कीड़े, जंतु नाशक दवाई का प्रभाव तत्काल ही समाप्त  होकर बाहर निकल जायें। इस प्रकार यदि आप किशमिश का रोजाना सेवन करते हैं तो यकीनन आप भी इसके मुरीद हो जायेंगे।

- अनूप मिश्र

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