उल्हासनगरवासी भयानक बीमारीयोंके चपेट में

उल्हासनगर
उल्हासनगरवासी इन दिनों भयानक बीमारियों की चपेट में है। यहां कचरा कुंडियों में कचरा जमा होने से मच्छरों की उत्पति होने लगी है और इनके काटने से लोग गंभीर बीमारियों  की चपेट में आने लगे हैं। वहीं मनपा प्रशासन के उदासीन रवैए के कारण यहां के नागरिकों में आक्रोश देखा जा रहा है। बता दें कि उल्हासनगर मनपा प्रशासन के शहर से कचरा उठा  पाने में पूरी तरह से नाकाम हो जाने के बाद पिछले कई वर्षों से कचरा उठाने का ठेका निजी ठेकेदार को दे दिया गया है। ठेकेदार को प्रतिदिन कचरा उठाने के लिए साढ़े चार लाख  रुपए दिया जाता है। ठेकेदार को कचरा उठाने का ठेका दिए जाने के बाद भी मनपा प्रशासन अपना खुद के सफाई विभाग में कर्मचारियों को भी रखा है। इन पर मनपा प्रशासन  प्रतिवर्ष करोड़ों रुपए खर्च कर रहा है। इसके बाद भी 13 किलोमीटर के उल्हासनगर शहर का कचरा नहीं उठाए जाने से शहर के नागरिकों में हाहाकार मचने लगा है। मनपा प्रशासन   ने शून्य कचरा मुहिम के तहत शहर को पूरी तरह साफ करने का मुहिम चला रखा है, परंतु यह असफल साबित नजर आ रही है। इसके चलते शहर के नागरिक बीमारियों की चपेट  में आने लगे हैं। ध्यान देने की बात है कि शहर की जनता प्रतिवर्ष समय के अनुसार मनपा प्रशासन को टैक्स जमा करती आ रही है। मनपा द्वारा जनता से ली जाने वाली टैक्स   की राशि में कचरा उठाने की फीस का भी समावेश है। इसके बावजूद शहर में कचरा नहीं उठाए जाने से नागरिकों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। वे गंभीर बीमारियों के शिकार होने   लगे है। उल्हासनगर-5 मनपा कार्यालय के पीछे सुख सागर होटल के नजदीक निवासीय परिसर में पिछले 8 दिन से कचरे का अंबार लगा हुआ है। नागरिकों ने प्रशासन को लिखित  शिकायत भी की है, इसके बालजूद प्रशासन कुंभकर्णीय नींद में सोए हुए है।
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