आईपीसी-सीआरपीसी में होगा बदलाव: शाह

लखनऊ
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार आईपीसी और सीआरपीसी में बदलाव करने जा रही है। यह ब्रिटिश जमाने का कानून है, जो राज्य के हितों को ध्यान ने रखकर   बनाया गया था। शाह ने कहा जनता का पुलिस के प्रति व पुलिस का जनता के प्रति नजरिया बदलना होगा। अधिकारियों को भी इस बात की जिम्मेदारी समझनी होगी कि, पुलिस  जवानों के अंदर कार्य का गर्व पैदा करें। राजधानी लखनऊ में आयोजित 47वीं अखिल भारतीय पुलिस विज्ञान कांग्रेस के समापन सत्र में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उन्होंने कहा, ''जब आप दीपावली पर अपने घर में पटाखे जलाते हैं, तो एक पुलिसकर्मी अपनी खुशियां छोड़कर सुरक्षा में लगा होता है, जब एक भाई बहन से  राखी बंधवाने जाता है, तो एक सिपाही सुरक्षा में लगा होता है। हर त्योहार में सिपाही सुरक्षा में अपना काम करता है, ताकि देश की जनता खुशियों से त्योहार मना सके।
देश के एक-एक नागरिक के मन में पुलिस के प्रति सम्मान पैदा करना हमारी आपकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि 1960 से 2019 तक अब तक पुलिस विज्ञान कांग्रेस में जितने  पेपर रखे गए, पढ़े गए, उनका हुआ ख्या। एक साइंस कांग्रेस ऐसी बुलाई जानी चाहिए, जिसमें इस पर भी विचार करना चाहिए कि इनके क्रियान्वयन के लिए क्या किया गया। शाह   ने कहा कि आंतरिक सुरक्षा में घुसपैठ, तस्करी, साइबर हमला, नारकोटिक्स (मादक पदार्थ) जैसी कई चीजें आती हैं, जो राज्यों की पुलिस नहीं कर सकती। इसलिए भारत के गृह  मंत्रालय की जिम्मेदारी है कि वह समन्वयक की भूमिका अदा करे।
उन्होंने कहा, ''आज जब हम सब यहां बैठकर घुसपैठ, आतंकवाद, नक्सलवाद, जाली मुद्रा और नियमित कानून व्यवस्था के बारे में हम बातें कर रहे हैं, तो शायद हम लोगों को भी  मालूम नहीं कि आज जिस सफलता को हम देख रहे हैं, उसमें 35 हजार से ज्यादा जवानों ने अपनी शहादत दी है। तब जाकर यह देश सुरक्षित हुआ है।'
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