कड़ी से कड़ी कार्रवाई अनिवाय

एक महिला चिकित्सक के साथ हैदराबाद में जिस हैवानियत का प्रदर्शन हुआ, वह जितना लोम हर्षक है उतना ही शर्मनाक और निंदनीय भी। एक महिला के साथ इतना जघन्य कार्य  किसी भी तरह से अक्षम्य अपराध है और इसमें लिप्त दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। यह तेलंगाना की कानून व्यवस्था की स्थिति पर एक ऐसा तमाचा है, जिसका  जवाब केसीआर सरकार को देना होगा। साथ ही जो आरोप परिजनों द्वारा लगाए जा रहे हैं कि स्थानीय पुलिस ने उन्हें मामला दर्ज करने के लिए इस थाने से उस थाने तक   दौड़ाया।  जिससे खोजबीन शुरू होने में देर हुई कीभी गहन जांच होनी चाहिए और यदि वाक् ही ऐसा हुआ है, तो संबंधित अधिकारियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। कारण  यदि ऐसा हुआ है, तो यह छोटी-मोटी गलती नहीं है। जिम्मेदारी टालने के चलते यदि खोजबीन शुरू होने में देर हुई, तो इससे एक व्यक्ति को असहनीय यातनाएं झेलनी पड़ी और  उससे जान चली गई। यह घटना किसी दूर-दराज के इलाके में नहीं हुई है। हैदराबाद जैसे महानगर में हुई है। यदि यहां अपराधी इतने बेखौफ होंगे और पुलिस इसी तरह की  लापरवाही करेगी, ऐसा संवेदना शुन्य बर्ताव करेगी, तो आमजन जीवन कैसे सुरक्षित रहेगा। ऐसे कुकर्म हमारे देश में चल रहे महिला सशक्तिकरण प्रयास को भी भोथरा करते हैं।  कारण जब बड़े महानगर में एक पढ़ी-लिखी लड़की जो चिकित्सक है उसके साथ ऐसा घृणित कार्य हो सकता है, तो फिर किस तरह आम अभिभावक यह हिम्मत करेगा कि उसकी  बच्ची देर-सबेर बाहर जाय। केंद्रीय महिला आयोग ने इस प्रकरण में हस्तक्षेप किया है। अब सरकारी महकमा भी हरकत में आया है। ऐसा प्राय: घटना घटने के बाद होता है। परंतु  घटनाएं थम नहीं रही हैं। कहीं न कहीं ऐसा कुछ हो जाता है, जो हमारे रोंगटे खड़ा कर देता है, तो जिस परिवार पर यह गाज गिरती है उसका क्या होगा? आवश्यक है कि प्रशासन  इस मामले की सघन जांच करे और इसकी तह तक पहुंचे। साथ ही उन पुलिस कर्मियों की भी यथोचित जांच कार्य जो मामले की सूचना मिलते ही खोजबीन पर लगने की बजाय हमारा नहीं दूसरे थाने का है, कह कर टालते रहे और एक जीवन तबाह हो गया और एक परिवार तबाह हो गया। केसीआर देश के नेता बनाने का ख्वाब देखते हैं। अच्छी बात है  राजनीति में कोई साधु-संन्यासी बनने नहीं आता। परंतु जिस राज्य को वे पिछले लंबे समय से बतौर मुख्यमंत्री संचालित कर रहे हैं वहां यदि कानून व्यवस्था की ऐसी तस्वीरें सामने  आएंगी कि पूरा देश हतप्रभ हो जाए, तो पूरे देश का नेता बनाना दूर की कौड़ी है, तेलंगाना के नेता भी नहीं रह पाएंगे। कारण देश का नेता बनने के लिए ऐसा काम उनके नेतृत्व में  होना चाहिए। जिससे देश वाह-वाह करे। जैसा हैदरबाद में हुआ है। इससे तो देश कलंकित होता है। हमारे यहां महिलाओं को तमाम तरह की रूढ़ियों से पीछे ले जाने वाली परंपराओं  से दो-चार होना पड़ता है। इन सबसे दो-चार करने के बाद जब वे आगे बढ़ते हैं तो फिर मानव के रूप में घूमने वाले भेड़ियों से भी बचना, लड़ना पड़ता है और ऐसे समय में पुलिस  टाल-मटोल कर अपने कर्तव्यों से दूर जाए, तो फिर उन्हें सहारा कहां मिलेगा? इस लिए तेलंगाना सरकार को इस प्रकरण के हर बिंदु पर गहन छानबीन कराकर हर संभव कड़ी  कार्रवाई अपराधियों पर करनी होगी और पुलिसिया उदासीनता के आरोप यदि सही हैं, तो उन पर भी उदाहरणीय कार्रवाई होनी चाहिए। साथ कुछ ऐसा बंदोबस्त भी होना चाहिए,  जिससे ऐसे मामले आने पर पुलिस तुरंत कार्रवाई करे। हमारा नहीं उनका है, कहकर टालमटोल न करे। कारण ऐसे मामले जीवन और मत्यु से भी जुड़े हो सकते हैं। जैसा इस मामले  में हुआ।

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