राज्यपाल के फैसले पर आघाड़ी की नजर

Sharad Pawar
मुंबई
मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस के इस्तीफे के बाद शुक्रवार शाम को राकांपा अध्यक्ष शरद पवार के सिल्वर ओक निवास स्थान पर कांग्रेस नेताओं ने उनसे मुलाकात की। हालांकि अभी तक  आघाड़ी ने अपनी अगली रणनीति का खुलासा नहीं किया है। आघाड़ी के नेताओं की नजर राज्यपाल के अगले कदम पर है। इस बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए प्रदेश कांग्रेस  अध्यक्ष बाला साहेब थोरात ने कहा कि राज्य में अभूतपूर्व राजनीतिक परिस्थिति बन गई है। हम देख रहे हैं कि मुख्यमंत्री को राज्यपाल के पास इस्तीफा देने के लिए जाना पड़ा,  जबकि उन्हें शपथ लेने के लिए जाना चाहिए था। थोरात ने कहा कि राज्यपाल आगे क्या कदम उठाते हैं, इस पर हमारी नजर रहेगी। उन्होंने कहा कि शरद पवार आघाड़ी के वरिष्ठ  नेता हैं, ऐसे में हमने उनसे राज्य की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की।
थोरात ने कहा कि राज्य में भाजपा-शिवसेना को सरकार बनाने का बहुमत मिला है, ऐसे में उन्हें ही सरकार बनानी चाहिए। हमारे पास सरकार बनाने का संख्या बल नहीं है।  शिवसेना को सरकार बनाने के समर्थन संबंधी सवाल पर थोरात ने कहा कि हमने इस बारे में कोई विचार नहीं किया है। हम फिलहाल स्थिति पर नजर रख रहे हैं, हमने कोई  रणनीति नहीं बनाई है। राज्यपाल क्या कर रहे हैं, इस पर हमारा ध्यान है। इस बैठक में थोरात के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण, पृथ्वीराज चव्हाण, सुशील शिंदे, विजय  वड्डेटीवार, माणिकराव ठाकरे आदि शामिल थे। इस बीच शिवसेना सांसद संजय राऊत ने दो बार शरद पवार से दो बार मुलाकात की। शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे के रुख को देखते हुए समझा जा रहा है कि शिवसेना- कांग्रेस-राकांपा गठबंधन सरकार बना सकती है। पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि अब यह साफ हो गया है कि भाजपा सरकार   नहीं बना सकती।
सबसे बड़े दल को क्यों नहीं बुला रहे राज्यपाल: महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद सरकार गठन पर गतिरोध जारी रहने के बीच राकांपा प्रमुख शरद पवार ने पूछा कि  राज्यपाल सबसे बड़े दल को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित क्यों नहीं कर रहे हैं। पवार ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि क्यों राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी भाजपा को सरकार गठन  का दावा जताने के लिए आमंत्रित नहीं कर रहे हैं जो 21 अक्टूबर को हुए विधानसभा चुनाव में 105 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी है। केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने महाराष्ट्र  में सरकार गठन पर गतिरोध खत्म करने के वास्ते शुक्रवार को पवार से उनकी सलाह मांगने के लिए मुलाकात की। मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में पवार ने आठवले के   जरिए भाजपा और शिवसेना को उन्हें मिले स्पष्ट बहुमत का सम्मान करने की सलाह दी। शिवसेना ने 288 सदस्यीय सदन में 56 सीटें, राकांपा ने 54 और कांग्रेस ने 44 सीटें जीती   हैं। पवार ने कहा कि महाराष्ट्र जैसे राज्य में ऐसी स्थिति नहीं बननी चाहिए। उन्होंने (अठावले) सलाह मांगी थी। हमारी सहमति है कि लोगों ने भाजपा और शिवसेना को स्पष्ट  जनादेश दिया है। राकांपा नेता ने कहा कि राष्ट्रपति या राज्यपाल कब तक इंतजार कर सकते हैं। उन्हें जल्द ही कोई फैसला लेना होगा। उन्होंने कहा कि हमारी सलाह है कि आपके  (भाजपा और शिवसेना) पास जनादेश है। आप इसका सम्मान करें। आठवले ने कहा कि मेरे पवार साहब से वर्षों से करीबी संबंध रहे हैं। मैं यहां उनकी सलाह लेने के लिए आया हूं।   उनकी राय है कि शिवसेना और भाजपा को सरकार बनानी चाहिए। उन्होंने मुझे दोनों पार्टियों को सरकार बनाने की सलाह देने के लिए कहा है।
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