करप्शन पर वार

नई दिल्ली
सरकार ने भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों में संलिप्त अधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखाने के अभियान के पांचवें चरण में 21 और कर अधिकारियों को जबरन सेवानिवृत्ति दे  दी है। वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों ने कहा कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सेवा नियमावली के नियम 56 (जे) के तहत बी समूह  के 21 कर अधिकारियों को भ्रष्टाचार और दूसरे आरोपों में अनिवार्य सेवानिवृत्ति पर भेज दिया है। इससे पहले, 27 सितंबर को केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने अपने 15 अधिकारियों को  जबरन रिटायरमेंट दे दिया था। ये सभी अधिकारी प्रिंसिपल कमिश्नर, कमिश्नर, जूनियर कमिश्नर, अतिरिक्त कमिश्नर और सहायक कमिश्नर जैसे अहम पदों पर थे। विभाग के  सूत्रों के मुताबिक, इन अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार और अन्य आरोपों के तहत यह कार्रवाई की गई थी। इन अफसरों को फंडामेंटल रूल 56(जे) के तहत सार्वजनिक हित में  कार्यमुक्त किया गया था। इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है।

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