एमटीएनएल की वीआरएस योजना

नई दिल्ली
कर्ज के बोझ तले दबे सरकारी टेलीकॉम कंपनी महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) ने अपने कर्मचारियों के लिए वॉलेंट्री रिटायरमेंट स्कीम (वीआरएस) की घोषणा कर  दी है। एमटीएनएल की ओर से कर्मचारियों को भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि 31 जनवरी 2020 को 50 साल या इससे ज्यादा उम्र पूरी करने वाले कर्मचारी इस स्कीम का फायदा ले सकते हैं। कर्मचारियों को 3 दिसंबर 2019 तक वीआरएस के लिए पंजीकरण कराना होगा। सरकार की ओर से रिवाइवल पैकेज को मंजूरी देने के बाद एमटीएनएल ने यह  वीआरएस योजना पेश की है। यह वीआरएस योजना गुजरात मॉडल पर आधारित है। 15 हजार कर्मचारी ले सकते हैं फायदा एमटीएनएल के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर सुनील  कुमार पहले ही कह चुके हैं कि कंपनी के 22 हजार में से 15 हजार कर्मचारी वीआरएस स्कीम लेने के लिए पात्र हैं और सरकार इन कर्मचारियों को आकर्षक पैकेज ऑफर कर  सकती है। सुनील का कहना है कि वीआरएस लागू होने के बाद कर्मचारियों की कॉस्ट में कंपनी के कुल रेवेन्यू के मुकाबले 25 फीसदी की कमी आ जाएगी जोकि फरवरी में 85   फीसदी के करीब था। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस कदम से अगले दो सालों में कंपनी के ईबीआईडीटीए में सुधार होगा।
कर्मचारियों को एकमुश्त मिल सकती है 46 महीने की सैलरी केंद्र सरकार ने सरकारी टेलीकॉम कंपनी बीएसएनएल और एमटीएनएल के रिवाइवल, 4जी स्पैक्ट्रम एलोकेशन और  वीआरएस के लिए 68,571 करोड़ रुपए के पैकेज को मंजूरी दी है। एमटीएनएल की ओर से भेजे गए नोटिस के मुताबिक कर्मचारियों को 46 महीने की सैलरी लंप-संप एक्स ग्रेशिया   कंपेनसेशन के रूप में दी जा सकती है। कंपनी ने वीआरएस स्कीम को कर्मचारियों के तीन वर्गों में बांटा है इसमें कंबाइड सर्विस, प्रो राटा और एमटीएनएल रिक्रूरिटड एंप्लॉई शामिल  हैं। नोटिस में कहा गया है कि जिन कर्मचारियों के खिलाफ विजिलेंस केस दर्ज हैं, उन्हें भी अनंतिम रूप से इस स्कीम का लाभ दिया जा सकता है। बीएसएनएल की सŽिसडियरी के  रूप में काम करेगी एमटीएनएल केंद्रीय कैबिनेट ने बीएसएनएल और एमटीएनएल के विलय को भी मंजूरी दे दी है। इस विलय की प्रक्रिया के पूरा होने तक एमटीएनएल,  बीएसएनएल की सŽब्सिडियरी के रूप में काम करेगी। एमटीएनएल ने वित्त वर्ष 2018-19 में 3388.07 करोड़ रुपए का घाटा दर्ज किया है जबकि इसका राजस्व 20185.41 करोड़  रुपए रहा है। कंपनी पर कुल करीब 20 हजार करोड़ रुपए का कर्ज है। एमटीएनएल की वित्तीय कॉस्ट कंपनी के कुल राजस्व का करीब 50 फीसदी है।
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