पाकिस्तान को पस्त करने को तैयार भारत

Davis Cup
नूर-सुल्तान (कजाकिस्तान)
मजबूत भारतीय टीम से उम्मीद है कि आज से शुरू होने वाले डेविस कप मुकाबले में वह कमजोर पाकिस्तान की चुनौती आसानी से पार कर लेंगे, जिसके नाटकीय परिस्थितियों के   बाद तटस्थ स्थल पर आयोजित कराने का फैसला किया गया। स्थल पर अंतिम समय तक अनिश्चितता बनी रही, जिससे दोनों टीमों में खिलाड़ियों के चयन को लेकर संदेह रहा।  आखिर में अंतर्राष्ट्रीय टेनिस महासंघ (आईटीएफ) ने इस मुकाबले को नूर-सुल्तान में कराने का फैसला किया, क्योंकि उसके स्वतंत्र पंचाट ने पाकिस्तान टेनिस महासंघ की समीक्षा की  अपील ठुकरा दी। बता दें कि भारत और पाकिस्तान 13 वर्षों में पहली बार टेनिस मुकाबले में आमने सामने होंगे। ये दोनों टीमें इससे पहले अप्रैल 2006 में एक दूसरे से भिड़ी थीं।  तब मुंबई ने इसकी मेजबानी की थी। भारत 3-2 से जीता था। इसे सुरक्षा की चिंताओं का हल निकल गया, लेकिन मुकाबले को अंतिम समय में हटाना टूर्नामेंट के लिए अच्छा नहीं  है। सुमित नागल, रामकुमार रामनाथन और अनुभवी लिएंडर पेस जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की उपस्थिति से भारत के आसानी से जीतने की उम्मीद थी, लेकिन पाकिस्तान के शीर्ष  खिलाड़ियों जैसे ऐसाम उल हक कुरैशी और अकील खान के हटने से यह मुकाबला बिल्कुल ही एकतरफा लगता है। भारतीय खिलाड़ियों में ग्रैंड स्लैम टूर्नमेंट का अनुभव मौजूद है,  जबकि पाकिस्तानी खिलाड़ी अब भी आईटीएफ फ्यूचर्स स्तर के टूर्नामेंट में छाप छोड़ने में जूझ रहे हैं। जब तक पाकिस्तान के शीर्ष खिलाड़ी खेल रहे थे, तब तक युगल स्पर्धा में  प्रतिस्पर्धा मौजूद थी, लेकिन मुकाबले के स्थल को बदलने के खिलाफ विरोध स्वरूप उनके नहीं खेलने का फैसला करने के बाद यह भी खत्म हो गई। पाकिस्तान के उन जूनियर  खिलाड़ियों के लिए सीखने वाला अनुभव होगा, जो इस मुकाबले में देश की चुनौती की अगुआई करेंगे। इस मुकाबले की विजेता टीम मार्च में क्रोएशिया में होने वाले 2020 में विश्व  ग्रुप क्वॉलीफायर में जगह बनाएगी।
46 वर्षीय पेस के लिए सबसे ज्यादा युगल जीत का अपना डेविस कप रिकॉर्ड बेहतर करने का मौका होगा, जिसमें वह 43 जीत से शीर्ष पर हैं। यह रिकॉर्ड उन्होंने पिछले साल चीन  के खिलाफ खेलते हुए हासिल किया था। 18 ग्रैंड स्लैम ट्रॉफियां हासिल कर चुके पेस डेविस कप पदार्पण कर रहे जीवन नेदुनचेझियान के साथ जोड़ी बनाएंगे। जीवन डेविस कप में  खेलने वाले भारत के 75वें खिलाड़ी होंगे। फॉर्म में चल रहे नागल के पास अपनी पहली डेविस कप जीत हासिल करने का मौका है, क्योंकि वह स्पेन (2016) और चीन (2018) के  खिलाफ अपने दोनों एकल मैच गंवा चुके हैं। रामकुमार इस मुकाबले में दूसरे नंबर के एकल खिलाड़ी के तौर पर उतरेंगे और वह अपने जीत-हार के रिकॉर्ड को बेहतर कर सकते हैं। रामकुमार आज मोहम्मद शोएब के खिलाफ मुकाबले की शुरुआत करेंगे जो आईटीएफ फ्यूचर्स टूर्नमेंट के मुख्य ड्रॉ में एक भी मैच नहीं जीते हैं। दूसरे एकल में नागल का सामना  हुजाएफा अब्दुल रहमान से होगा जिन्होंने जूनियर आईटीएफ सर्किट में अच्छा प्रदर्शन किया है।
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