हठधर्मिता कभी अच्छी नहीं होती

पूरी दुनिया की नजर में पाक आतंक का मक्का है और उसके इस कुत्सित कारोबार को वहां के निजाम के सभी अंगों का समर्थन है। यह भी दुनिया में साबित हो चुका है। उसकी  सरकार सेना की कठपुतली है और उसकी सेना और सरकार चीन की कठपुतली हैं, परंतु चीन उसकी कब तक रक्षा कर सकता है उसकी सीमा है, जिसका अनुभव पाक कई बार कर  चुका है। फिर भी आतंक के कारोबार पर ताला न लगाने की उसकी हिमाकत समझ में नहीं आता है। हमारे द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक में ढह गए आतंक के बालाकोट नामक कुख्यात  अड्डे को पाक द्वारा पुन: शुरू करना कुछ ऐसी ही हठधर्मिता प्रदर्शित करता है, जैसा हम बचपन से देशी कहावत में सुनते आ रहे हैं कि जब गीदड़ की मौत आती है तब वह गांव  की ओर भागता है। नहीं तो जब अमेरिका और दुनिया आपको रोज आतंकियों पर कार्रवाई करने की चेतावनी दे रहा है और हम बार-बार यह कह रहे हैं कि अब यदि कुछ उल्टा- सीधा हुआ, तो हम कड़ा प्रतिकार करेंगे, तो फिर पाक अपनी राह क्यों नहीं बदल रहा है। आज जो आतंक के कारोबार ने उसकी हालत की है और उसी के चलते वो जो झेल रहा है। जिस तरह इसके चलते उसकी संप्रभुता का उल्लंघन हुआ है। उसके घर में घुसकर आतंकियों को मारा गया। उनका अड्डा ढहाया गया, अमेरिका रोज उसके देश में घुसकर आतंकियों को मार रहा है। आज पूरी दुनिया में उसकी स्थिति अछूत की है। रियाया महंगाई से अत्याचार से सिसक रही है और आजादी में मदद के लिए हमसे गुहार लगा रही है। इसके बाद में  उसकी सरकार, सेना और कुख्यात खुफिया एजेंसी इस कुत्सित कारोŽबार पर लगाम नहीं लगा पा रही है, समझ से परे है। पाक का पूरा क्रिया-कलाप विनाश को आमंत्रण देने की तरह   है। आतंक को लेकर दुनिया कितनी संवेदनशील है। यह वह समझ ही नहीं पा रहा है या समझने में नादानी कर रहा है। यही लोगों की समझ में नहीं आ रहा है।
हमारे देश ने पिछले तीन दशक से ज्यादा समय से आतंकवाद का जो देश झेला उसके गर्भ में पाकिस्तान है। यह आज पूरी दुनिया के सामने उजागर है, बावजूद इसके पाक आज भी  जम्मू-कश्मीर में वह सबकुछ कर रहा है, जिसे वहां आतंकवाद और अलगाववाद की आग जो उसने लगाई है, वह जिंदा रहे। यह अलग बात है कि उसे कोई सफलता नहीं मिल रही  है। यही नहीं वह करतारपुर जैसी पवित्र आयोजन में भी अपनी कुत्सित और षडयंत्रकारी सोच प्रदर्शित करने से बाज नहीं आया नहीं आ रहा है। उसमें उस दौरान और आज भी वर्षों  पहले दफन हो चुके खालिस्तान आंदोलन को जगाने का प्रयास करता रहा है। कुल मिलाकर उसकी दोगली नीति का प्रदर्शन अभी जारी है। यदि उसे लगता है कि जो कुछ वह कर रहा है उसे हमें या दुनिया को नहीं मालूम है, तो वह भायनक गलती कर रहा है और उसका Žयापक परिणाम स्वयं भुगतना होगा। हमने 370 हटाया वह हमारा आंतरिक मामला है।  उस पर आपने अनाधिकार हल्ला मचाय, जो बेकार हुआ। कारण दुनिया सच जानती है आपको हमारी नहीं अपनी उस रियाया की चिंता करनी चाहिए, जो हमसे और दुनिया से आपसे  आजादी पाने के लिए मदद की गुहार लगा रही है। कारण यदि अपने आतंकवाद का कारोबार बंद कर उसकी पीड़ा और समस्या और अत्याचार दूर करने का प्रयास नहीं किया, तो आपको उसका अंजाम भुगतान पड़ेगा। हठधर्मिता किसी के लिए भी अच्छी नहीं होती। वह चाहे व्यक्ति हो यह राष्ट्र। पाक को भी यह समझना चाहिए।

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