सब्जियों के पत्ते सब्जियों से ज्यादा पौष्टिक होते है

यह बहुत कम लोगों को मालूम है कि जो फल व सब्जियाँ हम खाते हैं, उनके पत्तों एवं जड़ों का उपयोग भी सŽजी बनाने में कर सकते हैं। ये पत्ते उन सब्जियों से ज्यादा पौष्टिक होते हैं जो बीमारी से बचाने या रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में काफी मददगार रहते हैं। इस प्रकार कमल के फूल के डंडे, गुलमोहर फूल व उसके पत्ते, पान के पत्ते, मटर के छिलके, खरबूजे व तरबूज  के ऊपर का छिलका, पालक के डंठल छोड़ के छिलके व पत्ते, सहजन के पत्ते को भी सŽजी की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं। हरा धनिया, पालक, पोदीना, मीठा नीम के डंठल को तो अधिकतर  घरों में फेंक दिया जाता है। ये भी उतने ही पौष्टिक हैं जितने कि उनकी पत्तियाँ। हरी पत्तेदार सब्जियों में कैलोरी तो बहुत कम होती है।
 प्राय: 100 ग्रा. में 25-30 कैलोरी (नमी) पानी 80-90 प्रतिशत, वसा  0.3-0.6 ग्रा. ही रहती है लेकिन विभिन्न सूक्ष्म पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में उपस्थित रहते हैं जो शरीर को स्वस्थ रखने व रोगों से बचाने में अहम भूमिका निभाते हैं। हरी सब्जियों में उपलब्ध सूक्ष्म पोषक तत्व ज्यादा पकाने से या उबालने से नष्ट हो जाते हैं अत: इन सब्जियों का उपयोग ज्यादातर जूस, सलाद के  रूप में करें। ज्यादा पकाने के बाद भी दूसरी सब्जियों से हरे पत्तेदार सब्जियों में ज्यादा सूक्ष्म पोषक तत्व होते हैं। सभी पत्तेदार सब्जियों को बेसन, दाल, कटलेट, खमण, इडली, ढोकला, बाटी,  बेसन के गट्टे, सांभर, खिचड़ी या सैंडविच के मसाले में मिलाकर उपयोग किया जा सकता है। इसके कारण वह ज्यादा स्वादिष्ट भी बनेगी। हरी पत्तेदार सब्जियां पौष्टिक तत्वों से इतनी भरपूर  होती हैं कि इनकी बहुत अधिक मात्रा में आवश्यकता नहीं होती।
दिनभर में एक कटोरी हरे पत्तेदार सŽजी वयस्क व्य€ित के लिए पर्याप्त है। तो फिर अब देर किस बात की। जो पत्तेदार सब्जियां हम फेंक रहे हैं, आज से ही उन्हें आहार में शामिल कर लिया  जाए। कुछ ही दिनों में इसका असर आपके चेहरे, स्वास्थ्य पर अवश्य दिखेगा, साथ ही बीमारी में भी त्वचा कांतिमय होने लगेगी। 

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