इमरान की नीयत

देश और दुनिया में गुरुनानक देवजी के 550वें प्रकाश पर्व को लेकर उत्साह है। पाकिस्तान द्वारा गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के खुले दर्शन के लिए भारत-पाकिस्तान के बीच  बनाए करतारपुर कॉरिडोर को लेकर गुरुनानक देवजी के नाम लेवाओं के उत्साह, उमंग और खुशी को शायद शब्दों में बयान करना मुश्किल है। कॉरिडोर को बनाने और खुलने के बीच  एक नहीं अनेक प्रकार की बाधाएं समय-समय पर आती रहींं, लेकिन गुरुनानक देवजी की कृपा से सभी दूर होती चली गईं। पाकिस्तान ने भारतीय सिख श्रद्धालुओं के लिए 20 डॉलर   की फीस लेने की घोषणा की तो इसका विरोध, देश और दुनिया में बैठे सिख श्रद्धालुओं के साथ- साथ भारत सरकार ने भी किया। इस फीस को जजिया करार देते हुए इसे कम करने  या न लगाने की मांग भी की गई, लेकिन पाकिस्तान अपने फैसले पर अड़ा रहा। अब जब कि करतारपुर साहिब गुरुद्वारा के दर्शन करने का समय नजदीक आ गया, तो पाकिस्तान  के प्रधानमंत्री इमरान खान ने ट्वीटर पर लिखा है कि गुरुद्वारा दरबार साहिब में मत्था टेकने आने वाले भारतीय श्रद्धालुओं को 10 दिन पहले रजिस्ट्रेशन कराने की भी जरूरत नहीं है।  12 नवंबर को गुरु नानक देवजी के 550वें प्रकाश पर्व और नौ नवंबर को उद्घाटन समारोह के दिन उनसे कोई शुल्क नहीं वसूला जाएगा। पाक अधिकारियों के अनुसार श्रद्धालुओं से   लिए जाने वाले शुल्क को सिख समुदाय के कल्याण और उनके धर्मस्थलों के रख-रखाव पर खर्च किया जाएगा। पाक को इससे सालाना करीब 249 करोड़ भारतीय रुपए एकत्र होंगे।  प्रधानमंत्री इमरान खान के उपरोक्त ट्वीट को लेकर कैप्टन अमरेंद्र सिंह ने एक बार फिर कहा है कि उनको करतारपुर कॉरिडोर खोलने की पाक की मंशा पर अब भी शक है।   कॉरिडोर खोलना आईएसआई का एजेंडा हो सकता है। इसका उपयोग रेफरेंडम-2020 के लिए हो सकता है, जिससे सिख भाईचारे को प्रभावित किया जा सके। खालिस्तान समर्थित   संगठन सिख फॉर जस्टिस भी ऐसा कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा कॉरिडोर और गुरुनानक देवजी के नाम पर यूनिवर्सिटी शुरू करने जैसे फैसलों पर हमें सतर्क  रहना जरूरी है। इनके पीछे छिपे एजेंडे को भी ध्यान से परखने की जरूरत है। भारत को इस मामले में पाक के सिर्फ चेहरे पर नहीं जाना चाहिए, बल्कि सभी चीजों को समग्र तौर   पर लेना चाहिए। नौ नवंबर को पाक में करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन वहां के प्रधानमंत्री इमरान खान करेंगे। भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे और पहले   जत्थे को रवाना करेंगे। इस जत्थे की अगुवाई कैप्टन अमरिंदर सिंह कर रहे हैं। जत्थे में सभी विधायक, सांसद, देश के कई गणमान्य व्यक्ति और पत्रकार शामिल रहेंगे। उपरोक्त   बयानबाजी उस समय आ रही है जब सुल्तानपुर लोधी के गुरुद्वारा श्री बेर साहिब में गुरुनानक देवजी के 550वें प्रकाश पर्व का आगाज हो चुका है। मुख्यमंत्री अमरेंदर सिंह द्वारा   कोरिडोर संबंधी पाकिस्तान की मंशा के बारे में चिंता प्रकट करना एक ऐसा कटु सत्य है, जिसको देखने और सुनने वाले सभी हैरान हैं। पाकिस्तान की भारत विरोधी नीति और नीयत  किसी से छुपी नहीं है। 80 के दशक से पाकिस्तान पंजाब में आतंकवाद और अलगाववादियों को संरक्षण और समर्थन दे रहा है। उपरोक्त तथ्यों को लेकर ही पाकिस्तान की नीयत  और नीति को देखते हुए कहा जा सकता है कि जिस तरह पाकिस्तान ने सिख श्रदालुओं को लेकर विशेष रियायतों की छूट देने की घोषणा की है उस पर प्रश्न चिन्ह लगना या  अविश्वास की भावना से देखना स्वाभाविक है। गुरुनानक देवजी ने मानव जाति को नाम जपने, कृत करने और वंड छकने का जो संदेश दिया था उसको ध्यान में रखते हुए सिख   श्रद्धालुओं को भी उपरोक्त संदेश को देश और दुनिया में फैलाने का संकल्प लेते हुए तथा पाक की मंशा को समझते हुए अति सतर्क रहकर तीर्थयात्रा करने की आवश्यकता है।  गुरुनानक देवजी ने विश्व को भाईचारा बनाए रखने का संदेश दिया था। अगर पाकिस्तान उस संदेश की अनदेखी कर भारत के विरुद्ध कोई षड्यंत्र रचता है, तो यह अति दुखदाई बात   ही होगी। भारत सरकार और सिख समाज दोनों को पाकिस्तान की मंशा को देखते और समझते हुए ही अपनी नीति बनानी होगी। इस उत्साह और उमंग तथा खुशियों से भरे माहौल  का पाकिस्तान भारत के विरोध में इस्तेमाल न कर सके यह बात भारत सरकार, सिख समाज और चाहे वह अन्य किसी भी समाज का क्यों न हो उसे सुनिश्चित करना चाहिए।

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