अति लाभकारी हैं सेब और अनन्नास

अनन्नास
अनन्नास में विटामिन ए थोड़ी और सी अधिक मात्र में पाया जाता है। कच्चा अनन्नास रूचिकर, कफ पित्तकारक, ग्लानिनाशक, पचने में भारी, हृदय के लिए हितकारी  और श्रमनाशक होता है। पका अनन्नास, खटमीठा, इसके रस के प्रयोग से आंतों की सूजन, निर्बलता, कब्ज, अजीर्ण, शरीर की थकावट, सूखी  खांसी, हृदय की दुर्बलता और  पित्तज्वर आदि रोगों में लाभ होता है। खाली पेट खाने से यह विष के समान हानि करता है। गर्भवती स्त्रियों को इसका सेवन नही करना चाहिए। अनन्नास के फल का रस शहद  के साथ सेवन करने से शरीर में पसीना लाता है और बुखार उतर जाता है। अनन्नास को खाने से पित्त ठीक हो जाता है। इसके टुकड़ों पर चीनी और काली मिर्च का चूर्ण छिड़क कर  खाने से में आराम मिलता है। पके अनन्नास के छोटे-छोटे टुकड़े करके इन पर पीपर का चूर्ण डालकर खाने से बहुमूत्र का रोग ठीक हो जाता है। पेट में कृमि होने पर सात दिनों तक  अनन्नास खाने से कृमि नष्ट हो जाते हैं। पके अनन्नास का रस निकाल लें। इस रस से दुगुनी चीनी लेकर चाशनी बनाकर, इसमें रस को डालकर शरबत बना लें। यह शरबत गर्मी  (पित्त) का शमन करता है, हृदय को बल देता है। इनके ऊपर का छिलका और बीच का सख्त हिस्सा निकाल लें और इनके फल के छोटे-छोटे टुकड़े करें और पानी में एक दिन के  लिए रख दें। दूसरे दिन इनको चूने के पानी में से निकालकर सुखा दें। चीनी की एकतार की चाशनी बनाकर इन टुकड़ों को चासनी में डाल दें। आग से उतार कर, ठंडा होने पर इस  पर आवश्यकतानुसार छोटी इलायची पीसकर और गुलाबजल डालकर मुरब्बा बना लें। शीशे की बोतल में रख दें। यह मुरब्बा पित्त का शमन करता है, इसको खाने से मन प्रसन्न हो उठता है।

सेब
सेब में विटामिन ए, बी और सी पाया जाता है। शरीर को पोषण करने वाला और हृदय और मस्तिष्क को बल देने वाला होता है। इसको खाने से कब्जियत दूर होती है, भूख  बढ़ती है, बल-वीर्य, रक्त और ल्बी बीमारी में ताकत में कमी नहीं आने देता। यह लिवर और गुर्दे के रोगी को विशेष लाभ देने वाला होता है। मीठा सेब ही उपर्युक्त गुण को देने वाला  होता है। सेब के छोटे टुकड़े करके कांच के बर्तन में डालकर रात में खुली जगह ओस पड़े रख दें। एक माह तक प्रतिदिन इसका सेवन करने से शरीर में बल आता है। रक्त विकार के  कारण शरीर में बार-बार फोड़े-फुंसी हो जाते हैं। चमड़ी शुष्क हो, रात में खुजली अधिक सताती हो, उंगलियों और नितंब पर पीली-पीली फुंसियां आदि निकल आने पर नींद में कष्ट  होता है तो अनाज का त्याग करके सिर्फ सेब को खाने से ठीक हो जाता है।

Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget