राज्य में भाजपा सरकार बनाए, वरना हमारे पास खुले हैं विकल्प: उद्धव ठाकरे

Uddhav Aditya
मुंबई
शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि हमने सरकार बनाने को लेकर राकांपा और कांग्रेस से बात नहीं की है। अगर भाजपा सरकार नहीं बनाती है तो हमारे पास सभी विकल्प  खुले हुए हैं। राज्य में विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर भाजपा और शिवसेना में पेंच फंसा हुआ है। ढाई-ढाई वर्ष के मुख्यमंत्री के फार्मूले पर मुख्यमंत्री देवेंद्र  फड़नवीस के बयान का जवाब देते हुए शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि भाजपा ने मीठा-मीठा बोलकर शिवसेना को खत्म करने का प्रयास किया है। शुक्रवार को दादर  स्थित शिवसेना भवन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस के दौरान उद्धव ठाकरे ने कहा कि ठाकरे परिवार पर पहली बार किसी ने झूठ बोलने का आरोप लगाया है। इससे मैं बहुत दुखी हूं।  50-50 फार्मूले पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और मुख्यमंत्री फड़नवीस मातोश्री आए थे। युति पर चर्चा करते हुए  शाह ने कहा कि कुछ बातों को लेकर भाजपा और शिवसेना के बीच जो रिश्ते खराब हुए हैं, उसे सुधारने के लिए मैं यहां आया हूं। इसके बाद शाह ने मुझसे कहा कि आपको क्या  चाहिए, उस समय हमने उनसे कहा कि दिवंगत बालासाहेब ठाकरे को राज्य में शिवसेना का सीएम बनाने का वचन दिया है, जिसे हमें पूरा करना है। इस बात पर उन्होंने हमें  विधानसभा चुनाव के बाद ढाई-ढाई वर्ष के मुख्यमंत्री की बात कही थी, जिसे मान्य करते हुए शाह ने शिवसेना को ढाई वर्ष मुख्यमंत्री देने का वादा किया था। उन्होंने कहा कि राज्य  में शिवसेना का मुख्यमंत्री बनाने के लिए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस की जरूरत नहीं है। उद्धव ने कहा कि वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव के बाद  देवेंद्र फड़नवीस को देखते हुए हमने भाजपा सरकार को समर्थन किया था, लेकिन दुर्भाग्यवश अमित शाह का नाम लेकर उन्होंने ठाकरे परिवार पर झूठा आरोप लगाया है। फड़नवीस  से यह अपेक्षा नहीं थी। इस आरोप से मैं बहुत आहत हूं। फड़नवीस पर आरोप लगाते हुए उद्धव ने कहा कि देवेंद्र फड़नवीस के पूरे पत्रकार परिषद को हमने देखा, जिसमें उन्होंने  अपने पांच साल के कार्यकाल के दौरान किए गए विकास कार्योंकी उपलब्धियां गिनाईं, लेकिन उसमें उन्होंने शिवसेना का कहीं भी जिक्र नहीं किया। मुख्यमंत्री द्वारा प्रधानमंत्री और  गृहमंत्री अमित शाह पर टिप्पणी संबंधी आरोपों का जवाब देते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमें छोटा भाई कहा है, इसलिए मैंने कभी भी पीएम और गृहमंत्री   अमित शाह के विरोध में न बोला हूं और न ही बोलूंगा। किसी को वचन देने के बाद मुकरना शिवसेना का नहीं, बल्कि भाजपा का काम है। राज्य में कांग्रेस-राकांपा के साथ मिलकर  सरकार बनाने को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि राज्य में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है, जिसे राज्यपाल के पास जाकर सरकार बनाने का दावा करना  चाहिए। अगर वो सरकार बनाने में असफल होते हैं, तो हम राज्य की जनता को बेसहारा नहीं छोड़ सकते। इसलिए हमारे पास विकल्प खुले हैं।

नव-निर्वाचित विधायकों के लिए शिवसेना ने मांगी पुलिस सुरक्षा
शिवसेना ने अपने नव-निर्वाचित विधायकों के लिए पुलिस की सुरक्षा मांगी है। पार्टी अपने विधायकों को 15 नवंबर तक के लिए मालाड के रिट्रीट होटल में ठहराया है। शिवसेना के  सचिव मिलिंद नार्वेकर ने मुंबई पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर पार्टी के विधायकों को 15 नवंबर तक जरूरी सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है।

मुनगंटीवार ने किया खंडन
शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे के बयान का जवाब देते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान हुए सीट बंटवारे के वक्त कोई फार्मूला  तय नहीं हुआ था, इसलिए हम शिवसेना द्वारा भाजपा पर लगाए गए आरोपों का खंडन करते हैं। मुनगंटीवार ने कहा कि शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे ने चुनाव नतीजे के बाद   स्वयं यह घोषणा की थी कि सरकार बनाने के लिए सभी विकल्प खुले हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता ने शिवसेना को नहीं, बल्कि महायुति को जनादेश दिया है। उन्हें भाजपा   का फैसला करने से पहले सोचना चाहिए। अमित शाह हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, इसलिए उनके झूठ बोलने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। मुनगंटीवार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र   मोदी को बड़े भाई बताने वाले उद्धव ठाकरे का उन्हें सम्मान करना चाहिए।
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