'राजमार्ग क्षेत्र में होगा 15 लाख करोड़ रुपए का निवेश'

Gadkari
नई दिल्ली
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि सरकार वैश्विक स्तर का बुनियादी ढांचा बनाने पर ध्यान दे रही है और पांच साल में राजमार्ग क्षेत्र में 15 लाख करोड़  रुपए का और निवेश होगा। नए मोटर वाहन कानून, इलेक्ट्रॉनिक रूप से पथकर वसूली, कोष जुटाने के लिए इनविट जैसे कदम उठाने वाले मंत्री ने कहा कि राजमार्ग या बुनियादी  ढांचा निर्माण की बात आती है, कोष कभी समस्या न रहा है और न रहेगा।
गडकरी ने कहा कि हमने राजमार्गों और पोत परिवहन क्षेत्रों में पिछले पांच साल में संयुक्त रूप से 17 लाख करोड़ रुपए खर्च किए हैं...22 हरित एक्सप्रेसवे सहित वैश्विक स्तर की  सड़कों के निर्माण के लिए आने वाले 5 साल में केवल राजमार्ग क्षेत्र में 15 लाख करोड़ रुपए निवेश का निवेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ई-पथकर के अमल में आने के साथ  पथकर आय सालाना 8,000 करोड़ रुपए पहुंच जाने का अनुमान है। जब से फास्टटैग प्रणाली अनिवार्य हुई है, पथकर आय उछलकर 25 करोड़ रुपए रोजाना पहुंच गई है। फास्टैग  अनिवार्य किए जाने से दिसंबर के मध्य तक कुल एक करोड़ फास्टैग जारी किए गए हैं। कुछ जगहों पर ई-पथकर से छूट दे गई है। मंत्रालय के लिए अगले साल का एजेंडा 12,000  करोड़ रुपए की चार धाम परियोजना पूरी करने का है। इसके तहत बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के लिए बाहरमासी संपर्क सुविधा उपलब्ध कराया जाना है।
गडकरी ने कहा कि इसके अलावा कैलाश-मानसरोवर यात्रा को आसान बनाने के लिए उत्तराखंड के रास्ते राजमार्ग को पूरा करना है। इस मामले में करीब 75 प्रतिशत काम पूरे हो  चुका है। फिलहाल इस स्थल तक केवल लुपिलेख और नाथुला मार्ग के जरिए पहुंचा जा सकता है जो कठिन रास्ता है। मंत्री ने मोटर वाहन (संशोधन) कानून, 2019 पारित होने को ऐतिहासिक उपलब्धि बताया और कहा कि दुर्घटनाओं में कमी के जरिए इसका सकारात्मक प्रभाव जल्द देखने को मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग  प्राधिकरण (एनएचएआई) को बुनियादी ढांचा निवेश ट्रस्ट (इनविट) गठित करने के प्रस्ताव तथा राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को बाजार पर चढ़ाने का निर्णय राजमार्ग विकास में एक और मील का पत्थर साबित होगा। म्यूचुअल फंड की तरह काम करने वाले इनविट को इस रूप से तैयार किया गया है, जिससे निवेशकों से छोटी-छोटी राशि प्राप्त की जा सके  और उसे ऐसी संपत्तियों में निवेश किया जाए जिससे समय- समय पर नकद प्रवाह होते रहे। मंत्रिमंडल ने दिसंबर में एनएचएआई को इनविट के गठन को मंजूरी दे दी। इससे  प्राधिकरण पूरा हो चुके राष्ट्रीय राजमार्गों को बाजार पर चढ़ा सकेगा। गडकरी ने कहा कि हमें उम्मीद है कि पेंशन और अन्य कोष भी इसमें निवेश के लिए आगे आएंगे। भारतमाला का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि इस परियोजना के तहत मंत्रालय ने 26,200 किलोमीटर लंबा आर्थिक गलियारा, 8,000 किलोमीटर आंतरिक गलियारा, 7,500 किलोमीटर फीडर  (अंदरूनी) मार्ग, 5,300 किलोमीटर सीतावमर्ही और अंतर्राष्ट्रीय संपर्क सड़क, 4,100 किलोमीटर तटवर्ती और बंदरगाह संपर्क वाली सड़कों तथा 1,900 किलोमीटर एक्सप्रेसवे के निर्माण  को चिन्हित किया है।
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