26/11 अटैक: जिंदा बचने वाले इजरायली बच्चे मोशे को मोदी ने लिखी चिठ्ठी

Moshe
नई दिल्ली
पीएम नरेंद्र मोदी में 26/11 मुंबई अटैक में माता-पिता को खोने वाले इजरायली बच्चे मोशे होत्जबर्ग के 'बा मित्जा' संस्कार पर उसे सोमवार को चिठ्ठी लिखी। पीएम मोदी ने कहा कि  आपकी कहानी हर किसी को प्रेरित करेगी। उल्लेखनीय है कि आतंकियों ने नरीमन हाउस में भी हमला किया था, जिसमें मोशे के माता-पिता की जान चली गई थी, लेकिन वह इस  हमले में चमत्कारिक रूप से बच गया था। उस वक्त मोशे की उम्र 2 साल थी।
पीएम मोदी ने मोशे के नाम चिठ्ठी में कहा, 'आपकी कहानी हर किसी को प्रेरित कर रही है। यह त्रासदी और अपूरणीय क्षति पर चमत्कार और उम्मीद की जीत के बारे में है।' पीएम  मोदी ने अपने इजरायल के दौरे पर उससे मुलाकात की थी। मोशे 10 साल बाद पिछले साल इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के साथ भारत दौरे पर आया था और उसने उस  घर का दौरा किया जहां उसके पैरंट्स रहते थे।

क्या है बा मित्जा
'बा मित्जा' यहूदी धर्म में लड़कों का एक संस्कार है। जब कोई लड़का 13 साल का हो जाता है तो वह 'बा मित्जा' बन जाता है यानी वह अपने ऐक्शन के लिए खुद जिम्मेदार होता   है। इससे पहले वह जो कुछ भी करता है उसके लिए माता-पिता जिम्मेदार होते हैं। लड़कियों के लिए इस संस्कार को 'बैत मित्जा' कहते हैं। लड़कियां 12 साल में 'बैत मित्जा' बनती   हैं।

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