पूर्व आईएएस संजय गुप्ता की 36 करोड़ की संपत्ती कुर्क

Sanjay Gupta IAS
नई दिल्ली
प्रवर्तन निदेशालय (श्वष्ठ) ने पूर्व आईएएस अधिकारी संजय गुप्ता और उनकी पत्नी नीलू गुप्ता से जुड़ी 36.12 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क की है। यह संपत्ति उनकी कंपनी नीसा  ग्रुप कंपनीज के नाम से थी। ईडी के अधिकारियों ने बताया कि इस कुर्की में नीसा लेजर लिमिटेड, नीसा टेक्नोलॉजीज, नीसा एग्रीटेक एंड फूड्स लिमिटेड पर भी प्रिवेंशन ऑफ मनी  लॉन्ड्रिंग एक्ट (क्करूरु्र) 2002 के तहत कार्रवाई की गई है। गुप्ता पर 'मेट्रो लिंक एक्सप्रेस फॉर गांधीनगर एंड अहमदाबाद कंपनी लिमिटेड' (रूश्वत्र्र) के फंड में आपराधिक धांधली  करने और अनियमितता बरतने का आरोप है। गुप्ता की कुर्क की गई संपत्तियों में कई फ्लैट्स, प्लॉट, होटल और फैक्ट्रियां शामिल हैं। गुप्ता को सीआईडी ने 2015 में गिर तार भी
किया था। गुप्ता के खिलाफ सीआईडी क्राइम ने विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करके चार्जशीट भी फाइल की थी। इसी के आधार पर ईडी ने जांच शुरू की थी। 1985 बैच  के अधिकारी संजय गुप्ता पर रूश्वत्र्र के कोष में गबन का आरोप है।

1985 बैच के आईएएस हैं संजय गुप्ता

जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपी संजय गुप्ता 1985 बैच के गुजरात कैडर के आईएएस अधिकारी हैं जिन्होंने 2002 में अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद उन्होंने नीसा  ग्रुप ऑफ कंपनीज के नाम से अपना हॉस्पिटलटी का बिजनेस शुरू किया था। बाद में अप्रैल 2011 में उन्हें रूश्वत्र्र का चेयरमैन बना दिया गया था। इस पद पर गुप्ता 2013 तक  रहे।

ईडी ने कहा कि अपनाया था मनमाना तरीका

ईडी ने कहा कि क्करूरु्र के तहत हुई जांच में सामने आया कि संजय गुप्ता जब रूश्वत्र्र के चेयरमैन थे, उन्होंने मनमाने ढंग से यहां पर अपने कई करीबियों को आधिकारिक पदों  पर रखा, जो पहले उनकी कंपनी नीसा ग्रुप के कर्मचारी थे। संजय गुप्ता इन कर्मचारियों के साथ कई फर्जी कंपनियां चलाते थे, जिनके वे डायरेक्टर थे और 2012-13 के दौरान उनके  बैंक अकाउंट खोले गए।

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