आजमगढ़ में भी इंटरनेट बैन ,मऊ में 600 के खिलाफ एफआईआर दर्ज

आजमगढ़
नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन को देखते हुए यूपी में मऊ के बाद आजमगढ़ में भी इंटरनेट बैन कर दिया गया है। नागरिकता कानून के विरोध में  जगह-जगह अराजक तत्वों द्वारा इंटरनेट के माध्यम से सोशल मीडिया पर फैलाए जा रही अफवाहों के चलतेआजमगढ़ एसपी और डीएम ने बुधवार दोपहर 1 बजे से इंटरनेट सेवाएं  धित करने की घोषणा की है। आजमगढ़ में अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उधर लखनऊ में शिवपाल यादव की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी  नागरिकता कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। आखिर एक बौद्ध संत को विराथू क्यों बनना पड़ा? ये रोहंगिया ख्यांमार में बड़े आराम से रह रहे थे, परंतु इनके भीतर का जिहाद वाला कीड़ा कुलबुलाने लगा। ये बौद्धों पर अत्याचार करने के लिए आए। आजमगढ़ एसपी त्रिवेणी सिंह ने बताया कि अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कइयों पर नजर  रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि मुबारकपुर में स्थिति शांतिपूर्ण है। फोर्स की तैनाती की गई है। 
एक जगह पर 5 से ज्यादा व्यक्तियों के रहने पर पाबंदी है। शांति व्यवस्था कायम है, लेकिन सोशल मीडिया पर अफवाहों को देखते हुए जनपद की इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। 
नागरिकता कानून और एनआरसी को लेकर जिले में हो रहे विरोध प्रदर्शन को देखते हुए जिला और पुलिस प्रशासन अलर्ट है। मऊ में नागरिकता कानून के विरोध में हुए हिंसक  प्रदर्शन के बाद पुलिस ने 90 लोगों को नामजद करते हुए 600 अज्ञात के खिलाफ तीन एफआईआर दर्ज की हैं। साथ ही 31 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिसमें 19 आरोपियों की  पहचान की गई है, 12 लोगों से पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि अन्य की गिरफ्तारी के लिए लगातार पुलिस दबिश दे रही है, जितने लोग भी उपद्रव में शामिल थे। उनकी  पहचान कर जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।
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