मोदी सरकार हर कसौटी पर खरी उतरने को तैयार : शाह

370, सीएए और एनआरसी कांग्रेस ने पैदा किए, अब वही विरोध भी कर रही हैं

Amit Shah
नई दिल्ली
मैं देश की जनता से डंके की चोट पर कहना चाहता हूं जितने भी कदम उठाए हैं उसकी स्क्रूटनी के लिए नरेंद्र मोदी सरकार तैयार है। हमने पूर्ण रूप से संवैधानिक तौर पर सभी  फैसले किए हैं। देशभर में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों और सवालों पर अमित शाह ने यह बात कही है।
अमित शाह ने नागरिकता संशोधन कानून को लेकर कांग्रेस पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस जिन मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रही है, वो सब उसी के मुद्दे  हैं। 370, सीएए, एनआरसी सब कांग्रेस ने पैदा किए, आज वही विरोध करे तो क्या उनसे सवाल न करें। गृहमंत्री अमित शाह ने नागरिकता कानून लागू होने के बाद इस पर विस्तार से सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने इसका विरोध करने वालों के हर एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि नागरिकता कानून और एनआरसी लाने की बात तो पूर्व की कांग्रेस सरकार  करती आई है, लेकिन जब आज मोदी सरकार इसे लागू कर रही है, तो वही लोग विरोध कर रहे हैं। अमित शाह ने 1994 के अयोध्या एक्ट का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस के  ही एक्ट का पालन कर रहा हूं, तो भी मैं सांप्रदायिक हो गया, तो भाई आपने ऐसा एक्ट क्यों बनाया? नागरिकता संशोधन कानून पर बताता हूं। नेहरू जी ने समझौता करके कहा था  कि हमारा वचन है कि हम अपने अल्पसंख्यकों की सुरक्षा करेंगे। कांग्रेस ने भी बहुत से लोगों से ये बात कही। उन्होंने (कांग्रेस) ये बात कही तो वो सांप्रदायिक नहीं हुए लेकिन हम कह रहे हैं, तो कम्युनल हो गए।
अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस एनआरसी पर सवाल उठा रही है, जबकि एनआरसी का कॉन्सेप्ट राजीव गांधी लेकर आये और सोनिया गांधी विरोध कर रही हैं। राजीव गांधी लेकर  आए तो वो सेक्युलर थे और मैं उनकी बनाई व्यवस्था को लागू कर रहा हूं तो कम्युनल हूं। मेरी तो समझ में नहीं आ रहा कि हम करें तो करें ख्या? अमित शाह ने कहा ये सभी   आपके (कांग्रेस) के एक्ट थे, कानून थे। सब आपने बनाए। अब आप विरोध क्यों कर रहे हैं। उनसे सवाल पूछना चाहिए। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 को जब बनाया गया था, उस  समय संविधान सभा में ज्यादतर नेता कांग्रेस के थे। नेहरू जी ने संसद में कहा है कि 370 घिसते-घिसते घिस जाएगी, तो हमने घिस डाली। इसमें हमने नया क्या किया। भाई  आपने ही कहा था कि ये अस्थाई है। अमित शाह ने कहा कि अनुच्छेद 370 को जब बनाया गया था, उस समय संविधान सभा में ज्यादातर नेता कांग्रेस के थे, इसमें कोई विवाद  खड़ा नहीं कर सकता है। उसको (अनुच्छेद 370) अस्थाई लिखा गया था। क्यों अस्थाई लिखा? इसे स्थाई कर देते, तो हटाने का सवाल ही नहीं आता। उसे हटाने का रास्ता 370 में  डाला गया, क्यों डाला गया? आपने (कांग्रेस) ही डाला है। देशभर में नए नागरिकता कानून और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) के मुद्दे पर अमित शाह ने कहा कि एनआरसी  राजीव गांधी लेकर आए तब वो सेक्युलर था, अब सोनिया गांधी विरोध कर रही हैं। अमित शाह ने कहा कि मैं स्पष्ट कर दूं कि एनआरसी में धर्म के आधार पर कोई कार्रवाई नहीं  होगी। जो कोई भी एनआरसी के तहत इस देश का नागरिक नहीं पाया जाएगा, उन सबको निकाला जाएगा, इसलिए एनआरसी सिर्फ मुसलमानों के लिए है, यह कहना गलत बात है।  उन्होंने कहा कि दूसरी बात एनआरसी को लेकर कौन आया? जो लोग विरोध कर रहे हैं उनसे पूछना चाहता हूं कि इसे कौन लेकर आया। मैं कांग्रेस अध्यक्ष और गुलाम नबी आजाद  से पूछना चाहता हूं कि 1985 में जब असम समझौता हुआ, तब पहली बार एनआरसी की बात स्वीकार की गई।

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