सदन के सभी सदस्यों और राज्य की जनता का आभार : मुख्यमंत्री

मुंबई
विधानसभा में सदन की कार्रवाई के समय भगवा पगड़ी पहनकर बैठे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने सरकार के विश्वास मत हासिल करने के बाद सदन के सभी सदस्यों और महाराष्ट्र की  जनता का आभार माना। ठाकरे ने कहा, मुझ पर विश्वास करने के लिए मैं सभी सदस्यों को धन्यवाद देता हूं। मैं राज्य के लोगों को भी धन्यवाद देता हूं। उनके आशीर्वाद के बिना   कार्य करना संभव नहीं है। मुख्यमंत्री ठाकरे ने कहा कि मैं सदन में पहली बार आया हूं। आज तक मैंने मैदान की लड़ाई लड़ी है। मैंने संवैधानिक कामकाज नहीं किया है। मेरे पास  जमीनी स्तर का अनुभव है इसलिए मुझे लगता है कि इससे अच्छा मेरे लिए मैदान ही था। मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां खुद को पाकर मैं सौभाग्यशाली महसूस कर रहा हूं। ठाकरे ने  विश्वास मत हासिल करने के बाद कहा कि शपथ ग्रहण में अपने माता-पिता और महापुरुषों का नाम लेने में क्या बुराई है। अगर यह गुनाह है तो मैं इसे बार-बार करूंगा। छत्रपति  शिवाजी महाराज हमारे भगवान हैं। मैं सामने से लड़ने वालों में से हूं। मतभेद होते हैं, लेकिन यहां पर गलत ढंग से मतभेद को रखने की कोशिश हुई। मुझे उस महाराष्ट्र की जरूरत  है जो साधु- संतों का है, वीरों का है, महापुरुषों का है। महाराष्ट्र की संस्कृति रही है छत्रपति शिवाजी महाराज और माता-पिता का नाम लेना, जिसे मैं बार- बार लूंगा। ज्ञात हो कि  मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार अपने विधायकों के साथ विधानसभा पहुंचे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने सबसे पहले विधानसभा परिसर में स्थापित छत्रपति शिवाजी महाराज के स्टैच्यू  पर जाकर पुष्पांजलि अर्पित कर उनका अभिवादन किया। विधानसभा में कराया अपने मंत्रियों का परिचय महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ठाकरे ने शनिवार को राज्य विधानसभा में अपनी  मंत्रिपरिषद के छह सदस्यों का परिचय कराया। मुंबई के शिवाजी पार्क में बृहस्पतिवार को ठाकरे के शपथ ग्रहण समारोह में छह मंत्रियों एकनाथ शिंदे और सुभाष देसाई (शिवसेना),  जयंत पाटिल और छगन भुजबल (राकांपा) तथा बालासाहेब थोरात और नितिन राउत (कांग्रेस) ने मंत्री पद की शपथ ली थी। ठाकरे ने विश्वास मत हासिल करने से पहले 14वीं  विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान मंत्रियों का परिचय कराया। पूर्ववर्ती देवेंद्र फड़नवीस की सरकार में शिंदे और देसाई क्रमश: स्वास्थ्य एवं उद्योग मंत्री थे। 2014 तक 15 साल चली  कांग्रेस-राकांपा की सरकार में भुजबल उपमुख्यमंत्री रहे, जबकि पाटिल के पास वित्त एवं ग्रामीण विकास जैसे विभाग थे। थोरात और राउत इसी दौरान कुछ समय के लिए क्रमश:  राजस्व एवं पशुपालन मंत्री रहे। इन मंत्रियों ने 28 नवंबर को शपथ ली थी।
Labels:

Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget