आरे की जमीन बिल्डरों को देने की साजिश : शेलार

नागपूर
आरे को जंगल घोषित करने का आश्वासन देने वाली शिवसेना ने सत्ता में आने के बाद मुंबईकरों के मेट्रो कार शेड के काम को स्थगित किया है। अब शिवसेना आरे की आदिवासी  बस्तियों को हटाकर यह पट्टा निजी बिल्डरों को देने की कोशिश कर रही है। यह गंभीर आरोप पूर्व स्कूली शिक्षा मंत्री आशीष शेलार ने लगाया है। गुरुवार को विधानसभा में पूरक   मांगों पर बोलते हुए शिवसेना सदस्य रविंद्र वायकर ने यह भूमिका रखी थी कि आरे में स्थित आदिवासी बस्ती और विभिन्न जगहों पर अनधिकृत निर्माण कार्यों को पुनर्विकासित  करने के लिए आरे में एक बड़े भूखंड पर विकास प्रारुप के अंतर्गत निवासी आरक्षण देकर इस पट्टे के घरों का पुनर्विकास किया जाए। इस पर भाजपा विधायक आशीष शेलार सहित  अतुल भातलखकर और अन्य सदस्यों ने आक्रामक रुप से आरे में भूखंड हड़पने की साजिश का मुद्दा उपस्थित कर शिवसेना की भूमिका का विरोध किया। इस बारे में पत्रकारों से  बातचीत करते हुए शेलार ने कहा कि आरे में जो आदिवासी बस्तियां हैं, वहां के लोगों को सुविधाएं देने पर हमारा विरोध नहीं है, उन्हें अच्छी सड़क, पानी और बिजली, स्वास्थ्य  सुविधाएं, पक्के घर मिलने चाहिए। साथ ही उनकी संस्कृति का जतन होना चाहिए। यह हमारी भूमिका है, लेकिन आदिवासियों को वहां से हटाकर उनकी जमीन बिल्डरों को देने के  शिवसेना के प्रयास का हम विरोध करेंगे। मुंबईकरों के लिए आवश्यक मेट्रो कार शेड का जो काम शिवसेना ने बंद किया, अब उसी पार्टी के सदस्य आरे में भूखंड को  निवासी भूखंड  में त दील करने की मांग कर रहे हैं। यह भूखंड निजी बिल्डरों को देने की साजिश है। शेलार सहित भाजपा सदस्यों ने मुंबई के कोलीवाड़ों में पहली मंजिल पर बिजली मीटर लगाने  की मांग को लेकर विधानमंडल की सीढ़ियों पर प्रदर्शन किया।
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