यह राज्य के जनता की मन की सरकार नही है : फडनवीस

Fadanvis
मुंबई
राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फड़नवीस ने महाविकास आघाड़ी सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि  यह सरकार जनता के मन की नहीं, जनता ने इसे नहीं चुना है। यह राजनैतिक कपट से बनी सरकार है।
फड़नवीस ने कहा कि यह सरकार किस दिशा में जाएगी, यह दिखता है। सरकार में शामिल तीनों दलों में मत भिन्नता है। हमारे साथ चुनाव लड़ने वाली पार्टी दूसरे के साथ चली   गई। जनता ने हमें नकारा नहीं, जनता ने भाजपा को जनादेश दिया है। 1990 के बाद पहली बार 105 सीटें प्राप्त करने वाला दल भाजपा बना है। जनता ने महायुति को जनादेश  दिया था, लेकिन यह सरकार जनता के मन की नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह जनता की चुनी सरकार नहीं है। यह राजनीतिक कपट से आई हुई सरकार है। यह राजनीतिक  स्वार्थ की सरकार है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार में शामिल दल शिवसेना ने 23 हजार करोड़ रुपए की मदद की मांग की थी। बेमौसम बारिश से क्षतिग्रस्त किसानों की फसलों के लिए प्रति हेक्टेयर  25 हजार तथा फलबागों के लिए प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपए की मदद की मांग की गई थी, लेकिन सत्ता में आने के बाद अभी तक किसानों को मदद नहीं मिली है। हमारी  कार्यवाहक सरकार थी, इसके बावजूद हमने मदद का प्रावधान किया था। उन्होंने कहा कि संविधान के नियमों के अनुसार सरकार में कम से कम 12 मंत्री होने चाहिए थे, लेकिन  केवल 6 मंत्री है। इसके बावजूद हमने विरोध नहीं किया। इसकी वजह यह थी कि हमें किसानों को मदद मिलने की उम्मीद थी, जो आज तक नहीं मिली। सरकार ने किसानों को  निराश किया। यह सरकार काम नहीं कर रही है। सरकार कोई भी निर्णय लेने की तैयारी में नहीं है। शिवसेना पर निशाना साधते हुए फड़नवीस ने सवाल किया कि ख्या कांग्रेस के साथ जाने का शब्द बालासाहेब ठाकरे ने दिए थे? इस दौरान उन्होंने शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में शरद पवार के बारे में प्रकाशित खबरों को पढ़कर सुनाया। इससे सदन में हंगामा  हो गया। उन्होंने कहा कि मैं 'सामना' नहीं पढ़ता था, लेकिन अब इसे खरीदता हूं। इस पर राकांपा विधायक धनंजय मुंडे ने पवार का उल्लेख रिकॉर्ड से हटाने की मांग की।
फड़नवीस ने कहा कि राज्य की आर्थिक स्थिति पिछली सरकार के काल में बिगड़ी, ऐसा दावा कर जनता को भ्रमित किया जा रहा है। राज्य की आर्थिक स्थिति उत्तम है, यह बात  राज्य की आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में सिद्ध हुई है। यह सरकार किसानों के साथ छल कर रही है। यह जानबूझकर एक छवि बनाने की कोशिश कर रही है कि राज्य गंभीर वित्तीय  संकट का सामना कर रहा है, ताकि (किसानों को) वित्तीय सहायता पहुंचाने में देरी की जा सके। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के कार्यकाल में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग क्षेत्र में पांच साल में 59 लाख रोजगार के अवसर बने, जो देश में सर्वाधिक है।
सर्वाधिक निवेश महाराष्ट्र में हुआ। इसके अलावा मुंबई की सभी आधारभूत सुविधा परियोजनाओं सहित समृद्धि महामार्ग का काम तेज गति से शुरू हुआ। इतना ही नहीं, मराठा समाज  को आरक्षण दिया गया तथा धनगर समाज को न्याय देने का काम किया गया और इसके लिए एक हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया। उन्होंने कहा कि कृपया इन्हें स्थगित  न करें। फड़नवीस ने इस दौरान एक शेर भी पढ़ा-
'कुछ पन्ने क्या फटे, जिंदगी की किताब के,
जमाने ने समझा, दौर हमारा खत्म हो गया।'

Labels:

Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget