रांची के निर्भया कांड में राहुल को फांसी

नालंदा/रांची
 रांची की एक इंजीनियरिंग छात्रा के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या करने के मामले में सीबीआई कोर्ट ने दोषी राहुल को मौत की सजा दी है। सजा की घोषणा के बाद राहुल के बिहार के नालंदा  स्थित एकंगरसराय थाना क्षेत्र के धुरगांव के घर में सन्नाटा पसरा है। घरवालों व गांव के लोगों ने चुप्पी साध ली है। स्वजन शर्मिंदा हैं। दुखी मां को लगता है कि बेटे को बुरी संगत ने बिगाड़
दिया। विदित हो कि राहुल पर रांची में बीटेक की एक छात्रा से दुष्कर्म और उसके बाद हत्या का आरोप सिद्ध होने के बाद सीबीआई कोर्ट ने उसे फांसी की सजा सुनाई। इसके बाद स्थानीय  अखबार की टीम जब सजा पर प्रतिक्रिया जानने के लिए उसके पैतृक गांव पहुंची तो चारों ओर सन्नाटा पसरा था। कोई मिलने या बात करने को तैयार नहीं था। पिता उमेश प्रसाद ने फैसले को  बड़ी अदालत में चुनौती देने के सवाल पर भी चुप्पी साधे रखी। राहुल नालंदा के धुरगांव से ताल्लुक रखता है। 
बुरी संगत में पड़कर उसने सबसे पहले अपने चचेरे दादा पूर्व मुखिया दुर्गा प्रसाद के  घर में चोरी की। उसकी चोरीपकड़ी गई। सुधरने का मौका दिया गया, पर वह धीरे-धीरे अपराधके दलदल में फंसता गया। कुरेदने पर राहुल की मां निर्मला देवी ने आरोप लगाया कि राहुल को  एकंगरसराय प्रखंड के चौरई गांव के रहने वाले एक दोस्त ने बिगाड़ा। वही उसे रांची ले गया था और अनैतिक कार्यों में धकेल दिया। राहुल दो भाई एवं एक बहन हैं। भाई का नाम रोहित है।  राहुल की प्रारंभिक शिक्षा मध्य विद्यालय धुरगांव में हुई। एकंगरसराय शुकदेव एकेडमी से उसने मैट्रिक और इस्लामपुरस्नातक कॉलेज से इंटर पास किया था। इसके बाद उसने पढ़ाई छोड़ दी।  पिता उमेश प्रसाद टेंपो चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं।

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