आतंकिस्तान का कचरा राग

हमारा घर जल गया इसकी चिंता नहीं है। पड़ोसी का बच कैसे गया इसका दु:ख ज्यादा है। हमारा पड़ोसी पाकिस्तान कुछ ऐसी ही सोच का प्रदर्शन करता नजर आ रहा है। अभी लंदन  पुल पर चाकूबाजी की घटना हुई, उसमें जो आतंकी मारा गया उसकी भी जन्मभूमि पाकिस्तान है। उसकी चिंता करने की बजाय पाकिस्तान को ज्यादा चिंता इस बात की है कि भारत  का अंतरिक्ष कार्यक्रम से अंतरिक्ष में कचरा बढ़ा रहा है और यह सोच है पाकिस्तान के मंत्री फवाद चौधरी की। अब जिसके मंत्री के दिमाग में इस तरह कचरा भरा हो उस देश का  भगवान ही मालिक हो सकता है। इनके निजाम को हमारे प्रति द्वेष इतना ज्यादा है कि यह बोलते समय इस बात का भान भी नहीं रख पाते कि जो वह बोल रहे हैं, उससे दुनिया  में उनकी छवि एक मसखरे ही बन रही है। उनके वक्तव्योंं पर दुनिया हंसती है। आज पूरी दुनिया पाकिस्तान को सिर्फ और सिर्फ एक बात की हिदायत दे रही है और वह आतंकवाद से संबंधित है। जिसका लक्ष्य है कि पाक आतंक के कारोबार पर ताला लगाए। परंतु पाक है कि बाकी सब कर रहा है, सिर्फ आतंक पर ताला नहीं लगा रहा है। दुनिया  आतंक का खात्मा चाहती है और उसके लिए वह पाक के खिलाफ किसी भी हद तक जाने को तैयार है। परंतु उस पर ध्यान न देकर पाक कचराराग जैसी हास्यास्पद Žबयानबाजी कर  दुनिया का मनोरंजन कर रहा है। जबकि उसके भाड़े के टट्टू सतत् ऐसी हरकतें कर रहे हैं, जिससे यह साबित होती रहता है कि पाक की आतंक की दुकान बेरोकटोक जारी है। हमारे  अंतरिक्ष कार्यक्रम की तथा हमारी उपलब्धियों की पूरी दुनिया तारीफ कर रही है। उनके चिरमित्र चीन और यहां तक कि पाकिस्तान के जानकार तबके ने भी हमारे अभियानों और  सफलताओं की सराहना की है। फवाद जैसे मोटी बुद्धि के लोगों को यह समझ में ही नहीं आ सकता कि भारत इस दिशा में क्या कर रहा है और ऐसे अभियानों का दुनिया को क्या  लाभ मिलता है। धर्म के नाम पर अपनी ही रियाया पर जुल्म की इंतहा करने वाले और आतंकी आकाओं की जी-हुजूरी करने वाले फवाद यह समझ नहीं सकते, तो वे जो कुछ कह  रहे हैं यह उनकी नादानी है। उनकी बुद्धि पर तरस आता है। यह पाकिस्तान की रियाया का दुर्भाग्य है कि वह जब से हमसे नाजायज रूप से उद्भूत हुआ, तबसे उसका शासन ऐसे लोग  चला रहे हैं, जिनकी सोच दकियानूस है और जो उनके देश को आगे ले जाने के बजाय इतना पीछे ले जा चुके है कि उसके अस्तित्व पर ही संकट खड़ा हो गया है। आतंक का  कारोबार यदि ऐसी ही पूरी दुनिया को समय-समय पर दहलाता रहा, तो वह दिन दूर नहीं जब उसका अस्तित्व ही नहीं रहेगा। फवाद जैसे मंत्रियों और नेताओं को अपना ध्यान उस  ओर ले जाना चाहिए न कि भारत द्वेष में कुछ भी उल्टा-सीधा बोलकर पूरी दुनिया का विनोद करना चाहिए। कारण दुनिया अब उसकी आतंकिस्तान की सच्चाई से पूरी तरह वाकिब  है। रही बात हमारी, तो हमारे हर काम को दुनिया उसी तरह ले रही है, जिस ध्येय से हम उसे अंजाम देते हैं। हमारे हर कदम में वही भावना होती है, जिसे दुनिया में सबका साथ  सबका विकास के नाम से जाना जाता है। पाक हमारे बारे में कुछ भी कहे, कितना भी रोए कोई सुनने वाला नहीं है। यह वह बार-बार देख चुका है, फिर भी उसे समझ में नहीं आ  रहा है। उसका यह अधुनातम कचरा राग भी दुनिया में उसका ही कचरा कर रहा है। इससे हमारे ऊपर कोई फर्क नहीं पड़ता, इसका उसे भान होना चाहिए। यह सब कर वह अपना ही कचरा कर रहा है।

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