मुंबई विश्वविद्यालय में जमीन घोटाला!

पूर्व वीसी पर मुणगेकर ने लगाया आरोप

Mumbai University
मुंबई
मुंबई विश्वविद्यालय के कालीना परिसर के बीचो बीच सड़क और एलीवेटेड मार्ग के लिए 8.5 एकड़ जमीन दिए जाने के संदर्भ में बड़े घोटाले की आशंका व्यक्त करते हुए पूर्व वाइस  चांसलर (वीसी) भालचंद्र मुणगेकर ने एमएमआरडीए के साथ हुए करार को रद्द करने की मांग की है। विश्वविद्यालय की जमीन के बदले मिलने वाले टीडीआर को बेचकर उससे प्राप्त  तीन हजार करोड़ रुपए की राशि एमएमआरडीए अपने पास जमा रखेगा और जैसे-जैसे विश्वविद्यालय को राशि की जरुरत पड़ेगी, उसमें से उतनी रकम निकाल कर देगा।  विश्वविद्यालय के पूर्व वीसी मुणगेकर ने आरोप लगाया कि पूरे देश में किसी भी विश्वविद्यालय परिसर के बीच से सड़क नहीं गई है। देश भर में 600 विश्वविद्यालय हैं, जिनमें से  मुंबई विश्वविद्यालय के पास सबसे कम सिर्फ 243 एकड़ जमीन है। उसमें से भी 8.5 एकड़ जमीन बेचने की कोशिश की जा रही है। विश्वविद्यालय परिसर से सीएमटी से बीकेसी  के लिए 30 मीटर चौड़े रोड के लिए 15,881 वर्ग फुट और हंसराज भुंगा रोड से बीकेसी के लिए ऐलीवेटेड रोड के लिए 18,834 वर्ग मीटर जमीन एमएमआरडीए को सुपुर्द करने की  अनुमति राज्य सरकार ने दी है। उन्होंने कहा कि इस जमीन को अभी हस्तांतरित नहीं किया गया है। मुणगेकर ने आरोप लगाया कि तत्कालीन सरकार के दबाव में पूर्व वीसी ने  स्वयं जमीन देने के लिए पत्र लिखा था या पत्र लिखने का उनका मकसद क्या था यह जांच में स्पष्ट हो सकेगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अधिनियम 1954 के तहत जमीन  को सरकार की दूसरी एजेंसी को देने का निर्णय किया गया है वह गलत है, क्योंकि उस समय यह अधिनियम अस्तिव में नहीं था। सरकार ने वर्ष 2016 में नया कानून बनाया है।  इससे साफ है कि जमीन देने के लिए जो निर्णाय लिया गया वह गलत उद्देश्य से लिया गया है। मुणगेकर ने कहा कि सबसे पहले विश्वविद्यालय की जमीन का एमएमआरडीए के  साथ हुए करार को रद्द किया जाना चाहिए। यह बहुत बड़ा संभावित घोटाला है, उन्होंने मांग किया कि महाविकास आघाड़ी सरकार तत्काल इस समझौते को रद्द करे। मुणगेकर ने कहा  कि वे जल्द ही मुख्यमंत्री उद्घव ठाकरे से मिलकर इस बारे में जानकारी देगें और यह समझौता रद्द करने की मांग करेंगे। किसे पहुंचाया जा रहा फायदा
मुणगेकर ने कहा कि बीकेसी को एक्सप्रेस-वे से जुड़ने के कई रास्ते हैं, जिनसे वहां जाया जाता है। फिर बीकेसी जाने के लिए इतने मार्ग की जरूरत क्या है। कालीना कैंपस से  बीकेसी के बीच इस मार्ग से कनेक्ट करने के लिए किसे फायदा पहुंचाने की कोशिश हो रही है।

मुंबई से शिफ्ट होंगे 50 विभाग
मुंबई विश्वविद्यालय से 50 विभागों को शिफ्ट कर कालीना कैंपस में ले जाने की तैयारी की जा रही है। यहां का विभाग कालीना कैंपस जाने से जो स्थान रिक्त होगा उसका क्या  होगा। मुणगेकर ने आरोप लगाया कि सरकार यहां किसी निजी कॉलेज या तीन कॉलेजों के बने संयुक्त क्लस्टर को देने की तैयारी कर रही है।
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