'किसानों से किया वादा निभाएंगे'

नागपुर
उद्धव ठाकरे ने कहा कि किसानों की समस्याओं पर हम पिछले 20-25 साल से सड़क पर उतरकर संघर्ष कर रहे हैं। हमने किसानों को कर्जमाफी का वादा किया है। किसानों से हमने  जो वादा किया है, वह मेरे और किसानों के बीच है, उसका हम पालन करेंगे, लेकिन विपक्ष की तरफ से यह ढोंग शुरू है कि तुम्हें यह करना ही होगा। किसानों की मदद के लिए केंद्र  से 15 हजार करोड़ रुपए मांगे गए हैं, लेकिन अभी तक एक पैसे की मदद नहीं मिली है। विपक्ष से उन्होंने कहा कि यदि हंगामा करना है, हल्लाबोल करना है तो केंद्र सरकार के नाम  पर करो।

सदन की गरिमा बनाए रखें
मंगलवार को विपक्ष ने किसानों को मदद देने की मांग को लेकर दोनों सदनों में हंगामा किया। सभागृह में हुई घटना पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानमंडल की एक परंपरा है। यह  सरकार का पहला अधिवेशन है। पिछले दो अधिवेशनों में जो कुछ हुआ, वह दुनिया के सामने आ चुका है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में मैं सत्ताधारी और विपक्ष दोनों से आव्हान  करता हूं कि इस सदन की गरिमामयी परंपरा है और इसे कालिमा लगाने का प्रयास नहीं होना चाहिए।

सामना पढ़ते तो आज यह नौबत नहीं आती
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंगलवार को एक और आश्चर्यजनक बात देखने को मिली। वे कहते थे कि हम सामना नहीं पढ़ते, हम सामना नहीं देखते। ऐसा कहने वाले लोगों को सामना  हाथ में लेना पड़ा। यह नियति का खेल है। यदि पहले ही सामना पढ़ा होता तो यह समय नहीं देखना पड़ता। तब सामना और शिवसेना को विपक्ष के रूप में समझा जाता था। आज  हमारे विरोधियों के हाथ में सामना आ गया है। सामना आम लोगों का हथियार है, यह शस्त्र है। यह बात ध्यान में रखकर सामना पढ़ा जाता, चोरी-छिपे नहीं, खुले रूप में पढ़ा जाता  तो आज हमसे सामना करने की नौबत नहीं आती।

साढ़े तीन हजार करोड़ की मदद वितरित
उन्होंने कहा कि यह सरकार किसानों की मदद के कार्य में लग गई है। सरकार ने जो मदद की है, उसके आंकड़े वित्त मंत्री जयंत पाटिल ने बताए हैं। केंद्र से मदद नहीं मिली तो भी  महाराष्ट्र की आम जनता की यह सरकार हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठेगी। तकरीबन साढ़े छह हजार करोड़ की मदद जिला अधिकारियों के मार्फत पहुंचाई गई है। इसमें से साढ़े तीन  हजार करोड़ की मदद वितरित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए केंद्र सरकार से सात हजार करोड़ की मदद मांगी गई है, इसी तरह बेमौसम बारिश के  लिए केंद्र से मांग की गई है। इस तरह कुल 15 हजार करोड़ रुपए की मांग की गई है।

यहां नहीं, केंद्र के सामने हंगामा करें
केंद्र से अभी तक एक भी पैसे की मदद नहीं मिली है। यहां जो हंगामा कर रहे हैं, उनकी पार्टी की केंद्र में सरकार है। उनके नेता प्रधानमंत्री है। किसानों को लेकर यहां गला फाड़कर  चिल्लाने वाले, वहां जाकर हंगामा करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की तरफ से मिलने वाले जीएसटी रिफंड का 15 हजार करोड़ रुपए बकाया था। दो-चार राज्यों सहित  महाराष्ट्र की तरफ से मांग करने के बाद केंद्र सरकार ने अब साढ़े चार हजार करोड़ रुपए की पहली किश्त भेजी है।
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