प्लास्टिक उद्योग ने रखीं सरकार के समक्ष मांग

मुंबई
74 साल पहले स्थापित और 22,000 इंडस्ट्रियल यूनिट्स के प्रतिनिधि के तौर पर कार्यरत द ऑल इंडिया प्लास्टिक मैन्युफैंक्चर्स एसोसिएशन ने प्लास्टिक उद्योग को पुनर्जीवित  करने और इसे विकास के मार्ग पर फिर से प्रशस्त करने के लिए सरकार से फौरी तौर पर कुछ जरूरी कदम उठाने का आग्रह किया है। इंडस्ट्री के लिए काम करनेवाली इस संस्था ने कस्टम ड्यूटी में फेरबदल करने, सस्ते फिनिश्ड उत्पादों के आयात पर पर एंटी डङ्क्ष्पग ड्यूटी लगाने, विदेशी व्यापार संधि के पुनर्वलोकन, बीआईएस स्टैंडर्ड को अनिवार्य रूप से लागू  किए जाने और उद्योग के लिए टे€नोलॉजी अपग्रेडन फंड की व्यवस्था की भी मांग की है। प्लास्टिक उद्योग के पुनरुत्थान के लिए सरकार द्वारा कदम उठाए जानेवाले आपात कदमों  के सिलसिले में एआईपीएमए ने एक आपात बैठक का आयोजन 09 दिसंबर को किया गया था। इस बैठक में देशभर से 31 सहयोगी एसोसिएशन के 70 से अधिक प्रतिनिधियों,  इंडस्ट्री लीडरों व गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया। इस बैठक में गुजरात राज्य प्लास्टिक मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन, ऑर्गनाइजेशन ऑफ प्लास्टिक प्रोसेसर्स ऑफ इंडिया, महाराष्ट्र  प्लास्टिक मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन, कर्नाटक स्टेट प्लास्टिक एसोसिएशन, साउथ गुजरात प्लास्टिक मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन, सौराष्ट्र प्लास्टिक मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन, पिंपरी  चिंचवाड प्लास्टिक एसोसिएशन, तेलंगाना ऐंड आंध्र प्लास्टिक मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन, इंडियन प्लास्टिक फेडरेशन, प्लास्टिक एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल जैसे प्रमुख एसोसिएशन ने   अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। द ऑल इंडिया प्लास्टिक मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष जगत किल्लावाला ने कहा कि प्लास्टिक उद्योग भारतीय अर्थव्यवस्था में योगदान देनेवाले  सबसे बड़े उद्योगों में से एक है और उम्मीद की जा रही है कि भारत के 5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनने के सपने में इस उद्योग का खासा योगदान रहेगा। उन्होंने इस बात की भी  उम्मीद जताई कि अधिक विकास के मद्देनजर केंद्र सरकार इंडस्ट्री के साथ साझा तौर पर नीतियां बनाएगी और प्रभावकारी नीतियों को लागू करेगी।

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