कोस्टल रोड परियोजना को सुप्रीम कोर्ट की हरी झंडी

Coastal Road
मुंबई
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को मनपा के महत्वाकांक्षी कोस्टल रोड परियोजना को हरी झंडी दे दी। कोर्ट से परियोजना को हरी झंडी मिलने से कोस्टल रोड का काम आज से शुरू हो  जाएगा। पहले चरण में प्रिंन्सेस स्ट्रिट से वर्ली सी-लिंक तक के 9.98 किमी के कोस्टल रोड का कार्य शुरू होगा। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने परियोजना पर 19 अगस्त 2019 से स्टे  लगा दिया था। इस परियोजना पर तकरीबन 13 हजार करोड़ रुपए खर्च होना है। गौरतलब है कि परिवहन व्यवस्था को गति देने के लिए शिवसेना की ओर से इस महत्वाकांक्षी  परियोजना को लाया गया है, जिसका सभी दलों ने स्वागत किया। मनपा चुनाव के घोषणा पत्र में मुंबई के लोगों को कोस्टल रोड देने की घोषणा की गई थी। इसके तहत प्रिंसेस  स्ट्रिट से वर्ली सी लिंक के 9.98 किमी कोस्टल रोड का काम शुरू किया गया। इस परियोजना से पर्यावरण को नुकसान होने की बात कहते हुए एड. श्वेता वाघ, स्टैलिन दयानंद, डेबी  गोयंका और वर्ली कोलीवाड़ा की ओर से मुंबई उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई थी। इसी के आधार पर उच्च न्यायालय ने कोस्टल रोड परियोजना पर स्टे लगा दिया। उसके  बाद मनपा ने सर्वोच्च न्यायालय की शरण ली। सर्वोच्च न्यायालय ने भी मुंबई उच्च न्यायालय के आदेश को कायम रखते हुए कार्य पर स्टे लगा दिया था, जिसके बाद अगस्त माह   से कोस्टल रोड का काम पूरी तरह से रुक गया था। पर अब सुप्रीम कोर्ट ने स्टे हटा लिया है। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि मुंबई में परिवहन की बढ़ती समस्या को देखते हुए शहर में नई परिवहन व्यवस्था की जरूरत है। जरूरत को देखते हुए कोस्टल रोड से स्टे हटाया गया है। भले ही स्टे हटाया दिया, पर सिर्फ रास्ते का काम करने और अन्य विकास काम न  करने का निर्देश सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश शरद बोबडे, न्यायाधीश भूषण गवई और न्यायाधीश सूर्यकांत की खंडपीठ ने दिया।

क्या होगा फायदा
कोस्टल रोड के कारण मुंबई के दक्षिण छोर से सीधे बांद्रा तक मुंबईकरों को टोल-फ्री रास्ते से जाने की सुविधा मिलेगी। इससे लोगों को ट्रैफिक की समस्या से छुटकारा मिलेगा। समय  और इंधन की बचत होगी और मुंबई के विकास को भी गति मिलेगी। कोस्टल रोड के कारण 70 प्रतिशत समय बचेगा और हर साल 34 प्रतिशत इंधन की बचत होगी। साथ ही  टोलमुक्त और बिना रुकावट के यात्रा औऱ ध्वनि और वायू प्रदूषण कम होने में भी मदद होगी ।

स्टे के कारण 1100 करोड़ का नुकसान

प्रिंसेस स्ट्रिट से वर्ली सी- लिंक तक कोस्टल रोड के काम के लिए मनपा तकरीबन 13 हजार रुपए खर्च करने वाली है। 13 अक्टूबर 2022 तक यानि चार वर्षों में यह परियोजना पूरा  करना जरूरी था। 12 अक्टूबर को 2018 में इस कार्य की शुरुआत की गई। रास्ते के पास का तकरीबन 17 प्रतिशत काम हो जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट के स्टे दिए जाने के कारण काम बंद था। काम बंद होने के कारण प्रतिदिन तकरीबन 5 से 7 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा था। स्टे के कारण अब तक 156 दिन काम बंद होने के कारण तकरीबन 1100   करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।

समय में पूरा किया जाएगा काम
कोस्टल रोड में से प्रिंसेस स्ट्रीट से बड़ोदा पैलेस तक काम एल एंड टी और बडोदा पैलेस से बांद्रा सी-लिंक तक काम एससीसी-एचडीसी कंपनी काम कर रही है। मनपा प्रशासन का  कहना है कि भले ही काम को स्टे दिया गया, पर कोस्टल रोड का सभी काम समय पर पूरा होगा।
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